42 नावों को सशर्त छोड़ेगा श्रीलंका, भारत के सामने रखा है यह शर्त

भारत की यह नावें वर्ष 2015 से श्रीलंका की हिरासत में हैं. मत्स्य पालन मंत्री महिंदा अमरावीरा ने कल एक बयान जारी कर के कहा कि भारत सरकार को इस फैसले के बारे में सूचित कर दिया गया है. अमरावीरा ने कहा कि 'हमारी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा का उल्लंघन करने वे फिर कभी ना लौटें.'

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भारतीय मछुआरे भारतीय मछुआरे

साद बिन उमर

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2017,
  • अपडेटेड 12:18 AM IST

श्रीलंका ने भारत के मछली पकड़ने की 42 नावों को पकड़ लिया था. इसके बाद श्रीलंका ने आज कहा है कि वह भारत की उन नावों को एक शर्त पर छोड़ेगा. शर्त यह कि वो फिर कभी भी उसके देश के जलक्षेत्र में प्रवेश नहीं करेंगी. 

भारत की यह नावें वर्ष 2015 से श्रीलंका की हिरासत में हैं. मत्स्य पालन मंत्री महिंदा अमरावीरा ने कल एक बयान जारी कर के कहा कि भारत सरकार को इस फैसले के बारे में सूचित कर दिया गया है. अमरावीरा ने कहा कि 'हमारी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा का उल्लंघन करने वे फिर कभी ना लौटें.'

अमरवीरा ने कहा कि श्रीलंका ने इससे पहले मछुआरों को छोड़ने का लेकिन नावों और उपकरणों को नहीं छोड़ने का जो फैसला लिया था उसका मनचाहा असर हुआ है.

महिंदा अमरावीरा ने कहा कि श्रीलंका में भारतीय मछुआरों का अवैध मछली पकड़ने का इतिहास 35 सालों से पुराना है. पाल्क स्ट्रेट के दोनों ओर के कई सरकारों ने इस मामले को सुलझाने की कोशिश की लेकिन असफल रहे हैं. बता दें कि पाल्क स्ट्रेट दोनों देशों के बीच पड़ने वाले समुद्री रास्ते को कहते हैं.

तमिलनाडु सरकार के अनुसार श्रीलंका के पास तमिल मछुआरों के 143 नाव हिरासत में है.

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