दुश्मन का काल बनेंगे राफेल विमान, हैमर मिसाइल समेत ये हैं खास फीचर्स

लोकसभा चुनाव 2019 में सबसे बड़ा मुद्दा बनने वाला राफेल लड़ाकू विमान अब भारत पहुंच रहा है. फ्रांस से पांच विमानों की पहली खेप बुधवार दोपहर को भारत में लैंड करेगी.

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भारत का राफेल भारत का राफेल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 10:43 AM IST

  • आज अंबाला एयरबेस पहुंचेगी राफेल विमान की पहली खेप
  • फ्रांस से भारत को मिलेंगे 36 विमान, पहली खेप में कुल 5

भारतीय वायुसेना को आज राफेल लड़ाकू विमान की पहली खेप मिलने जा रही है. इसके तहत कुल 5 फ्रांसीसी लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना का हिस्सा बनेंगे. राफेल की गिनती आधुनिक वक्त के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में होती है, ऐसे में भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होना काफी अहम हो जाता है. इसे भारत की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है, जिसकी भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने ट्रेनिंग भी ली है.

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भारत को जो आज पांच राफेल लड़ाकू विमान मिलने जा रहे हैं, उनके बारे में ये बातें ज़रूर जानें...

1. भारत को जो पांच राफेल लड़ाकू विमान मिल रहे हैं, उनमें तीन सिंगल सीटर हैं और दो डबल सीटर हैं. इनको वायुसेना की गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन में शामिल किया जाएगा.

2. राफेल का कॉम्बैट रेडियस 3700 KM. है, कॉम्बैट रेडियस यानी अपनी उड़ानस्थल से जितनी दूर विमान जाकर सफलतापूर्वक हमला कर लौट सकता है, उसे विमान का कॉम्बैट रेडियस कहते हैं.

3. भारत को मिलने वाले राफेल में तीन तरह की मिसाइल लग सकती हैं. हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर, हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प और हैमर मिसाइल. इन मिसाइलों से लैस होने के बाद राफेल काल बनकर दुश्मनों पर टूट पड़ेगा.

4. भारत ने अपनी जरूरत के हिसाब से इसमें हैमर मिसाइल लगवाई है. HAMMER यानी Highly Agile Modular Munition Extended Range एक ऐसी मिसाइल हैं, जिनका इस्तेमाल कम दूरी के लिए किया जाता है. ये मिसाइल आसमान से जमीन पर वार करने के लिए कारगर साबित हो सकती हैं.

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आज भारत पहुंचेगी राफेल की पहली खेप, अंबाला तैयार, वायुसेना प्रमुख करेंगे रिसीव

5. HAMMER का इस्तेमाल मुख्य रूप से बंकर या कुछ छुपे हुए स्थानों को तबाह करना होता है. ईस्टर्न लद्दाख की पहाड़ियों में ये मिसाइल काफी मददगार साबित होंगी.

6. राफेल एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई पर जा सकता है. जो कि पाकिस्तान के F-16 या चीन के J-20 से बेहतर आंकड़ा है.

7. चीन के साथ जारी तनाव के कारण राफेल को अंबाला एयरबेस पर उतारा जा रहा है. साफ है कि अंबाला एयरबेस उत्तर भारत में वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस में एक है. यही कारण है कि अगर जरूरत पड़ती है तो तुरंत इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

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8. भारत को फ्रांस से राफेल के कुल 36 विमान मिलने हैं, इनमें ये पांच आज भारत पहुंच रहे हैं. जबकि अन्य पांच जल्द ही कुछ महीनों में पहुंच जाएंगे, 2021-22 तक भारत को सभी 36 विमान मिल सकते हैं.

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