अनजान शख्स को दी लिफ्ट, तो देना पड़ सकता है जुर्माना, ये रहा कानून

किसी अंजान शख्स को प्राइवेट वाहन में लिफ्ट देना गैर कानूनी है. अगर आप किसी अंजान शख्स को अपनी प्राइवेट कार में लिफ्ट देते हैं, तो मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 192 A के तहत आपको जुर्माना देना पड़ सकता है. साथ ही जेल जाना पड़ सकता है.

Advertisement
फाइल फोटो (Courtesy- PTI) फाइल फोटो (Courtesy- PTI)

राम कृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

अगर आप किसी अंजान शख्स को अपनी प्राइवेट गाड़ी से लिफ्ट देते हैं, तो आपको जुर्माना देना पड़ सकता है. इसके साथ ही जेल की हवा खानी पड़ सकती है. मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 66 में किसी अंजान शख्स को प्राइवेट वाहन में लिफ्ट देना गैर कानूनी है. इस धारा के मुताबिक कोई भी व्यक्ति प्राइवेट वाहन का लाइसेंस लेकर उसका कॉमर्शियल इस्तेमाल नहीं कर सकता है.

Advertisement

अगर आप किसी अंजान शख्स को लिफ्ट देते हैं, तो माना जाता है कि आप अपने प्राइवेट वाहन का कॉमर्शियल इस्तेमाल करते हैं. इसके लिए धारा 192 (A) में जुर्माना और सजा का प्रावधान किया गया है. इस धारा में कहा गया है कि अगर कोई अपने प्राइवेट वाहन में किसी अंजान व्यक्ति को लिफ्ट देता है और उसका कॉमर्शियल इस्तेमाल करता है, तो उसको 2 हजार रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.

इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति ऐसा दोबारा करता है यानी दोबारा किसी अंजान को लिफ्ट देते पाया जाता है, तो उसको 10 हजार रुपये जुर्माना देना होगा. साथ ही तीन महीने से लेकर एक साल तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है. हालांकि प्राइवेट वाहन से किसी बीमार व्यक्ति को लिफ्ट दी जा सकती है. साथ ही इसका मेडिकल इमरजेंसी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

Advertisement

इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप अपने प्राइवेट वाहन से किसी बीमार या घायल व्यक्ति को लिफ्ट देकर हॉस्पिटल पहुंचाते हैं या फिर अपने प्राइवेट वाहन का इस्तेमाल मेडिकल इमरजेंसी के लिए करते हैं, तो आपके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी. हालांकि इसके लिए आपको  रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को सात दिन के अंदर इसकी जानकारी देनी होगी.

इसका मतलब हुआ कि आपने किसी मरीज या घायल को अपने प्राइवेट वाहन से लिफ्ट दिया है या फिर प्राइवेट वाहन का इस्तेमाल मेडिकल इमरजेंसी के लिए किया है, तो आपको इसकी जानकारी सात दिन के भीतर रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को देनी होगी.

मुंबई में अंजान शख्स को लिफ्ट देने पर कट चुका है चालान

पिछले साल मुंबई में 32 वर्षीय नितिन नायर ने अपने प्राइवेट वाहन में 3 अंजान लोगों को लिफ्ट दिया था, जिसके चलते मुंबई पुलिस ने उसका चालान काट दिया था. इसेक बाद नितिन नायर को कोर्ट जाना पड़ा था और जुर्माना भरना पड़ा था. इसके साथ ही नितिन नायर ने माफी भी मांगी थी. यह मामला काफी सुर्खियों में रहा है. इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस का साफ कहना था कि किसी अंजान व्यक्ति को प्राइवेट वाहन में लिफ्ट देना मोटर वेहिकल्स एक्ट 1988 की धारा 66 के तहत गैर कानूनी है. ऐसा करने पर धारा 192 (A) के तहत जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है.

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement