मोदी-इमरान के 'मन की बात', युद्ध नहीं बातचीत से निकले विवादों का समाधान

पाकिस्तान के आम चुनाव में इमरान खान की पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है. इमरान खान ने जीत दर्ज करने के बाद कहा था कि वह भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा था कि हिंदुस्तान की मीडिया ने उन्हें किसी बॉलीवुड फिल्म के विलेन के रूप में प्रस्तुत किया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाकिस्तान नेता इमरान खान (फाइल फोटो) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाकिस्तान नेता इमरान खान (फाइल फोटो)

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 8:41 AM IST

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में हुए आम चुनावों में बड़ी जीत हासिल कर इमरान खान प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने को तैयार हैं. इस नई जिम्मेदारी से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमरान खान से फोन पर बातचीत की और भारत-पाकिस्तान के अच्छे रिश्तों की कामना की. नेताओं की इस बातचीत में एक बार फिर दोनों देशों में शांति का संदेश गया है, लेकिन देखना होगा कि पाकिस्तान की नई सरकार किस तरह भारत के संबंध रखती है.

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आपको बता दें कि पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान ने सोमवार को ऐलान किया कि वह 11 अगस्त को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर उन्हें बधाई दी. पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि पड़ोसी देश में लोकतंत्र अपनी जड़ें गहरी करेगा.

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए गए एक बयान के अनुसार मोदी ने पाकिस्तान में लोकतंत्र के जड़े गहरी होने की उम्मीद जताई. बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने पूरे क्षेत्र में शांति एवं विकास का अपना विजन भी दोहराया.

इस बीच, इस्लामाबाद में खान की पार्टी ने एक बयान में कहा कि खान ने प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं को लेकर उनका शुक्रिया अदा किया है.

बयान में खान के हवाले से कहा गया है कि संघर्षों का समाधान वार्ता के जरिए निकाला जाना चाहिए. खान ने मोदी के साथ अपनी बातचीत में यह सुझाव भी दिया कि पाकिस्तान और भारत की सरकारों को अपने-अपने लोगों को गरीबी के जाल से मुक्त कराने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए. उन्होंने कहा कि संघर्षों का हल करने की बजाय युद्ध और खूनखराबा त्रासदियों को जन्म देंगे.

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जीत के बाद पहले भाषण में भी दिए थे शांति के संकेत

आम चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद इमरान खान ने अपने पहले भाषण में भारत-पाकिस्तान के अच्छे संबंधों की उम्मीद जताई थी. इमरान ने कहा था कि सबसे बड़ा मुद्दा कश्मीर है और वहां मानवाधिकारों का हनन हो रहा है. साथ ही समस्याओं के समाधान की आशा जाहिर करते हुए ये भी कहा था कि अगर भारत तैयार होता है तो हम भी बातचीत के लिए तैयार हैं. भारत 1 कदम उठाएगा तो हम 2 कदम चलने को तैयार हैं. इमरान के मुताबिक, अभी तक सिर्फ ब्लेमगेम रहा है, लेकिन बातचीत से ही मसले हल होंगे.

बहुमत से दूर है PTI

आपको बता दें कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी नेशनल असेंबली में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में तो उभरी है, लेकिन उसे बहुमत हासिल नहीं हुआ है. पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक उसे कुल 115 सीटें ही मिली हैं. पाकिस्तान के कानून के मुताबिक किसी पार्टी को सरकार बनाने के लिए उसके पास कम से कम 137 सीटें होनी चाहिए. पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव हुए थे.

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