पनामा की फर्म मोसेक फोंसेका के सभी भारतीय क्लाइंट को इनकम टैक्स इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने नोटिस भेज दिए हैं. 'द इंडियन एक्सप्रेस' की के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पनामा पेपर्स के मामले में हुई जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट 15 दिन के अंदर पेश करने को कहा था.
खबर के मुताबिक अलग अलग शहरों के तकरीबन 50 लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं. इन लोगों को नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है. नोटिस दो भागों में भेजा गया है. पहले हिस्से में उनसे इस बात पर सफाई मांगी गई है कि क्या उन्हीं का नाम इस लिस्ट में शुमार है. दूसरे हिस्से में पूछा गया है कि क्या उन्होंने इस लिस्ट में सामने आए नामों पर कोई टिप्पणी दी है.
नोटिस में सभी जरूरी जानकारियां मांगीं
नोटिस का दूसरा हिस्सा ज्यादा विस्तृत है. इन लोगों ने इस फर्म से जुड़ने की कोई अनुमति ली या नहीं. इस फर्म को खोलने में किस तरह से पैसों का इस्तेमाल किया गया है. इस कंपनी से जुड़े शेयरहोल्डर, डायरेक्टर, मालिकों की जानकारी मांगी गई है. पैसा निकालने और जमा करने की जानकारी मांगी गई है. इस कंपनी द्वारा जुटाई गई संपत्ति की जानकारी भी मांगी गई है.
अरुण जेटली ने मल्टी एजेंसी पैनल से जांच की बात कही थी
ऐसा कहा जा रहा है कि प्रश्नावली भेजे जाने से पहले ही आईटी की जांच इकाई ने पनामा पेपर्स में शामिल लोगों के मौजूदा डेटाबेस का आकलन कर लिया है. यह तब ही कर लिया गया था जब वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चार अप्रैल को पनामा पेपर्स लीक में शामिल भारतीय नामों की मल्टी एजेंसी पैनल गठित कर जांच कराने की घोषणा की थी.
सबा नाज़