नॉर्थ कर्नाटक को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर आज कई संगठनों ने बंद बुलाया है. इसको लेकर कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. इस बंद की अगुवाई 'राज्य आंदोलन समिति' कर रही है. इस बंद का असर उत्तरी कर्नाटक के 13 जिलों में पड़ सकता है.
ये मांग पिछले काफी समय से उठाई जा रही है. इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को इस मामले पर कहा कि ये बंद बीजेपी प्रायोजित है, इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
इस मांग को हाल ही में तेजी आई है, जिसके कारण बंद बुलाया गया है. दरअसल, पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि गठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम की पोस्ट नॉर्थ कर्नाटक के ही किसी नेता को मिल सकती है. राज्य सरकार में जल संसाधन मंत्री एम. बी. पाटिल इस रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं.
इसके अलावा भी नॉर्थ कर्नाटक से आने वाले कई विधायकों ने ऐसी शिकायत की है कि बजट में इस क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया गया है. बवाल इसलिए भी ज्यादा हुआ क्योंकि बजट के बाद कुमारस्वामी ने बयान दिया था कि नॉर्थ कर्नाटक के लोगों को सरकार का धन्यवाद देना चाहिए क्योंकि उन्होंने JD(S) को वोट नहीं दिया, फिर भी अच्छा बजट दिया गया है.
आपको बता दें कि नॉर्थ कर्नाटक बीजेपी का गढ़ है. यहां के करीब 12 जिलों में 80 विधानसभा सीटें आती हैं. बीजेपी के दिग्गज नेताओं में जगदीश शेट्टर और प्रह्लाद जोशी इसी क्षेत्र से आते हैं. बीजपी इस दुर्ग के सहारे सत्ता कर्नाटक में कमल खिला चुकी है.
मोहित ग्रोवर