पठानकोट एयरबेस पर 2 जनवरी को हुए आतंकी हमले की जांच के लिए हिंदुस्तान आई पाकिस्तानी जांच टीम मंगलवार को मुठभेड़ स्थल पहुंचेगी. लेकिन उन्हें एयरबेस के मुआयने की इजाजत नहीं मिली है. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने जांच के लिए आई संयुक्त जांच टीम को एयरबेस में जाने की इजाजत नहीं दी है. जबकि इस बीच भारत ने पाकिस्तान से जैश सरगना मसूद अजहर की आवाज के नमूने मांगे हैं.
पर्रिकर ने सोमवार को इस ओर सफाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान से आई जांच टीम को सिर्फ हमला के दौरान हुए मुठभेड़ वाली जगह पर जाने की इजाजत दी गई है. वह पठानकोट एयरबेस के संवेदनशील जगहों पर नहीं जा सकेगी.
जांच की जगहों की करवाई घेराबंदी
पर्रिकर ने कहा कि हमने खास तौर पर उन्हें एयरबेस के अंदर कहीं भी जाने की इजाजत नहीं दी. एनआईए इस मामले की पहले से जांच कर रही है. को उन्हीं जगहों पर जाने की इजाजत दी गई, जहां मुठभेड़ हुई. वे लोग जहां मुआयना करने जाएंगे उन हिस्सों की भी चारों तरफ से घेराबंदी कर दी गई है.
आईएसआई के सदस्य पर कांग्रेस को एतराज
कांग्रेस पार्टी ने पाकिस्तान जांच टीम में आईएसआई के सदस्य को रखे जाने पर एतराज जताया था. कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि पाकिस्तानी जेआईटी ने भारत में जांच के लिए यहां कोर्ट को आधिकारिक पत्र (Letter Rogatory) मुहैया नहीं कराया है. इसके बगैर जांच की कोई गारंटी नहीं है.
बीएसएफ और एनएसजी से नहीं मिलेगी पीएम
पाकिस्तानी टीम को सभी गवाहों तक पहुंच मुहैया कराने के लिए भारत योजना बना रहा है. इसके बावजूद उन्हें एनएसजी या बीएसएफ के सुरक्षाकर्मियों तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा. पंजाब पुलिस के , उनके दोस्त राजेश वर्मा, रसोइया मदन गोपाल और 17 अन्य घायल लोग गवाहों की लिस्ट में हैं.
5 लोगों की टीम रविवार को पहुंची भारत
बता दें कि रविवार को भारत पहुंची थी. टीम में पंजाब काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट(CTD) प्रमुख और एडिशनल जनरल ऑफ पुलिस मुहम्मद ताहिर राय, लाहौर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल इंटेलिजेंस ब्यूरो मोहम्मद अजीम अर्शाद, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस(ISI) के लेफ्टिनेंट कर्नल तनवीर अहमद, मिलिट्री इंटेलिजेंस लेफ्टिनेंट कर्नल इरफान मिर्जा और गुजरावाला CTD इनवेस्टिगेशन ऑफिसर शाहिद तनवीर शामिल हैं.
केशव कुमार