फांसी की डेट टलने पर निर्भया की मां बोलीं- तारीख पे तारीख...तारीख पे तारीख

निर्भया गैंगरेप केस में चारों दोषियों को 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा. दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को डेथ वारंट जारी किया. नया डेथ वारंट जारी होने के बाद भी निर्भया की मांग आशा देवी सिस्टम से नाराज दिखीं.

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दिल्ली में 2012 में गैंगरेप की पीड़ित निर्भया की मां आशा देवी (फोटो-PTI) दिल्ली में 2012 में गैंगरेप की पीड़ित निर्भया की मां आशा देवी (फोटो-PTI)

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 17 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 6:49 PM IST

  • 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाए जाएंगे चारों दोषी
  • नया डेथ वारंट जारी होने पर निर्भया की मांग नाराज दिखीं

निर्भया गैंगरेप केस में चारों दोषियों को 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा. दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को डेथ वारंट जारी किया. नया डेथ वारंट जारी होने के बाद भी निर्भया की मांग आशा देवी सिस्टम से नाराज दिखीं.

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आशी देवी ने कहा कि जो मुजरिम चाहते थे वह हो रहा है. तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख. हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां दोषी की सुनी जाती है. बता दें कि मामले में दोषी मुकेश की दया याचिका को आज ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज किया, जिसके अब नया डेथ वारंट जारी किया गया.

बता दें कि ने शुक्रवार को निर्भया दुष्कर्म और हत्या मामले के एक दोषी मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी. इसके पहले गृह मंत्रालय ने गुरुवार रात को ही राष्ट्रपति के पास दया याचिका की फाइल भेजी थी और उसे खारिज करने की सिफारिश की थी.

अदालत ने निर्भया मामले में चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. दिल्ली के के कार्यालय से समीक्षा के लिए भेजे जाने और इसे प्राप्त करने के कुछ घंटे बाद ही गृह मंत्रालय ने गुरुवार रात ही इसे राष्ट्रपति के पास भेज दिया था.

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इससे पहले दिल्ली सरकार ने निर्भया कांड के दोषी मुकेश की दया याचिका को खारिज करते हुए इसे उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय को भेजा था. इसके बाद इसे गृह मंत्रालय को भेजा गया.

दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को तिहाड़ जेल प्रशासन के अधिकारियों को मुकेश की दया याचिका के लंबित रहने के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने जेल अधिकारियों से मुकेश की दया याचिका और फांसी की तारीख को स्थगित करने के संबंध में की गई कार्रवाई पर दिल्ली जेल नियम की धारा 840 के तहत एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था.

हालांकि, न्यायाधीश ने फांसी दिए जाने की तारीख को बदलने से इनकार कर दिया. इससे पहले, चारों दोषियों के खिलाफ जारी डेथ वारंट पर हस्तक्षेप करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया था। दोषियों को 22 जनवरी को फांसी दी जानी है.

गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 को हुई इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. छह आरोपियों ने 23 वर्षीय महिला के साथ चलती बस में मिलकर दुष्कर्म किया था और उसकी बुरी तरफ पिटाई की थी. बाद में छात्रा की मौत हो गई थी.

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