सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के लिए संविधान पीठ का गठन कर दिया गया है. इसमें चीफ जस्टिस समेत 5 जज शामिल किए गए हैं. वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण के संविधान संशोधन बिल पर बहस के बीच हस्तक्षेप करते हुए इस बिल को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज किया. पढ़ें- मंगलवाल शाम की 5 बड़ी खबरें.
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के लिए संविधान पीठ का गठन कर दिया गया है. इसमें चीफ जस्टिस समेत 5 जज शामिल किए गए हैं. मामले की सुनवाई शीर्ष कोर्ट में 10 जनवरी को सुबह 10.30 बजे से शुरू होगी. शीर्ष कोर्ट ने 3 जनवरी को अयोध्या में विवादित जमीन के मालिकाना हक से जुड़े मुकदमे की सुनवाई करते हुए नई बेंच के गठन का ऐलान किया था.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण के संविधान संशोधन बिल पर बहस के बीच हस्तक्षेप करते हुए इस बिल को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज किया. अरुण जेटली ने कहा कि विपक्षी दलों के घोषणा पत्र में कई बार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण की बात कही गई है जो कि जुमला थी. जेटली ने कहा कि सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण से सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण की 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन नहीं होता.
मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश किया. आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए AIADMK के सांसद एम. थंबीदुरई ने सवाल उठाया कि सरकार का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद के लिए ये संशोधन ला रही है. इसका मतलब ये हुआ कि पिछले 4 साल में सरकार ने जो गरीबी उन्मूलन की आधा दर्जन योजनाएं चलाई हैं, वह कारगर साबित नहीं हो पाई हैं जिस वजह से मोदी सरकार को ये आरक्षण देना पड़ रहा है.
देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो नेट न्यूट्रैलिटी का उल्लंघन कर रही है और प्रॉक्सी वेबसाइट्स को ब्लॉक कर रही है. ऐसा हम नहीं, बल्कि पॉपुलर डिस्कशन वेबसाइट रेडिट के थ्रेड में कई लोग कह रहे हैं. 3 जनवरी 2019 को एक रेडिट यूजर ने थ्रेड बनाया और इसमें कहा गया कि रिलायंस जियो प्रॉक्सी वेबसाइट्स को ब्लॉक कर रही है. क्वॉर्ट्ज की एक रिपोर्ट के मुताबिक 250 मिलियन कस्टमर्स वाली ये कंपनी अगर ऐसा करती है तो ये नेट न्यूट्रैलिटी पर बड़े सवाल खड़ा करता है.
केन्द्र सरकार ने आर्थिक तौर पर पिछड़ी सवर्ण जातियों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है. इस आरक्षण को देने के लिए देश में कोई जातिगत जनगणना का आंकड़ा मौजूद नहीं है. हालांकि 2011 में सरकार ने सामाजिक और आर्थिक तौर पर पिछड़ी जातियों की जनगणना कराई थी, लेकिन इसका आंकड़ा भी जारी नहीं किया गया है.
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