स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा होगी पहली जिम्मेदारी, जल्द आएगी नई गाइडलाइंस

नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की ओर से स्कूलों के लिए नई गाइडलाइंस पर जोर-शोर से काम चल रहा है. इसमें टीचर्स वेरिफिकेशन सबसे अहम मसला है.

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स्कूलों में बच्चों के साथ हादसे लगातार बढ़ रहे हैं स्कूलों में बच्चों के साथ हादसे लगातार बढ़ रहे हैं

केशव कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 7:56 AM IST

जल्द ही स्कूलों में बच्चों के पढ़ाने वाले तमाम टीचर्स, कर्मचारियों सहित उनके संपर्क में आने वाले हर शख्स का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी हो जाएगा. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) की ओर से स्कूलों के लिए नई गाइडलाइंस पर जोर-शोर से काम चल रहा है. इसमें टीचर्स वेरिफिकेशन सबसे अहम मसला है. गाइडलाइंस बनाने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की भी मदद ली जा रही है.

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बहुत सख्त होगी गाइडलाइंस
बीते कुछ सालों से स्कूलों में बच्चों के साथ हादसे लगातार बढ़ रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए एनसीपीसीआर बहुत ही सख्त गाइडलाइंस तैयार कर रहा है. जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा ताकि अगले सत्र में इसे लागू किया जा सके. इसके मुताबिक स्कूलों में अगर किसी बच्चे के साथ कोई हादसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन से लेकर सरकार तक को उठानी पड़ेगी.

तय की जाएगी हादसे की जिम्मेदारी
एनसीपीसीआर की अध्यक्ष स्तुति कक्कड़ कहती हैं कि स्कूल में सुरक्षा का माहौल बहुत जरूरी है. अभी कुछ राज्यों में इसको लेकर गाइडलाइंस हैं, लेकिन यह गाइडलाइंस देशभर के स्कूलों के लिए तैयार की जा रही है. स्कूल में काम करने वाले सभी टीचर्स, स्टाफ और यहां तक की माली, चौकीदार तक का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा. बच्चों के साथ रोजाना मिलने वाले हर शख्स की काउंसिलिंग जरूरी होगी. उन्हें संवेदनशील बनाया जाएगा तकि बच्चे की किसी शरारत, हरकत पर वो आगे प्रशासन को चौकन्ना कर सकें. अगर स्कूल में कोई लापरवाही होती है तो स्कूल की गवर्निंग बॉडी की भी जिम्मेदारी तय होगी. स्कूलों में स्वीमिंग, घुड़सवारी, स्केटिंग या किसी रोमांचकारी ट्रिप पर ले जाने के लिए बाकायदा सुरक्षा गाइडलाइंस तैयार की जाएंगी. बच्चे अगर पब्लिक वाहन से स्कूल आते हैं और कोई हादसा होता है तो राज्य सरकार की जिम्मेदारी तय की जाएगी.

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अगले सत्र में लागू करवाने की कोशिश
एनसीपीसीआर के सदस्य प्रियंक के मुताबिक इसे इतना सख्त बनाया जाएगा कि कोई स्कूल गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रहा हो तो बोर्ड उसकी मान्यता तक रद्द कर सकेगा. इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा से लेकर छोटी-छोटी बातों को इन गाइडलाइंस का हिस्सा बनाया जा रहा है. हमारी पूरी कोशिश है कि अगले सत्र यानी अप्रैल माह में इसे पूरी तरह से तैयार कर देशभर के स्कूलों में लागू कर दिया जाए.

अभिभावकों के सवालों का जवाब देगी गाइडलाइंस
दिल्ली के एक बड़े स्कूल में 6 साल के मासूम दिव्यांश की मौत के बाद हर किसी के मन में सवाल उठ रहा है कि इस घटना का जिम्मेदार कौन है? स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर आज हर माता-पिता चिंतित है. उनका सवाल है कि क्या हमारे बच्चे स्कूलों में सुरक्षित हैं? एनसीपीसीआर की गाइडलाइंस इन्हीं सवालों का जवाब देगी. बच्चे की सुरक्षा को लेकर इसे बहुत ही सख्त बनाया जा रहा है.

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