AMU स्कॉलर मन्नान वानी की हिज्बुल के साथ जुड़ने की पुष्टि, खुद सलाउद्दीन ने दिया बयान

बता दें कि सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जियॉलजी में पीएचडी कर रहे कश्मीरी छात्र मन्नान वानी की एके-47 के साथ फोटो सामने आई थी. यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी.

Advertisement
मन्नान वानी (फाइल) मन्नान वानी (फाइल)

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 2:27 PM IST

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के स्कॉलर मन्नान वानी के हिज्बुल मुजाहिद्दीन के साथ जुड़ने की पुष्टि हो गई है. इस बात की पुष्टि खुद हिज्बुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैयद सलाउद्दीन ने की है. सलाउद्दीन ने स्थानीय मीडिया को कहा कि कश्मीरी युवकों का हमारे साथ जुड़ना भारत के प्रोपेगेंडा को एक्सपोज़ करता है. भारत में लोग बेरोजगारी से जूझ रहे हैं.

बता दें कि सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जियॉलजी में पीएचडी कर रहे कश्मीरी छात्र मन्नान वानी की एके-47 के साथ फोटो सामने आई थी. यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी.

Advertisement

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सलाउद्दीन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पिछले काफी समय से हिज्बुल के साथ कश्मीर के पढ़े लिखे युवा नेता जुड़ रहे हैं. युवाओं के साथ जुड़ने से हमारी कश्मीर की आजादी की लड़ाई आगे बढ़ रही है.

26 वर्षीय वानी को मामले का खुलासा होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मन्नान को निलंबित कर दिया था. बताया जा रहा था कि वानी बीते 3 जनवरी से लापता था. सोमवार को ही अलीगढ़ के एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मो. हबीब हॉल में उस कमरे की तलाशी ली गई, जहां रिसर्च स्कॉलर मन्नान बानी रहता था.

एसएसपी ने कहा था कि मन्नान वानी छह दिन पहले तक हॉस्टल में ही था. उसके कमरे से कुछ लिट्रेचर बरामद हुआ है, जिसे कब्जे में ले लिया गया है.

Advertisement

जानकारी के मुताबिक, मन्नान वानी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब का रहने वाला है. वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जियोलॉजी में पीएचडी कर रहा था. 26 साल का वानी तीन दिन पहले घर आने वाला था, लेकिन उसने घर पर कोई खबर नहीं दी. वह पिछले पांच साल से एएमयू में रह रहा था, वहां से उसने एमफिल की डिग्री भी ली है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »