पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर(एनपीआर) पर जारी काम रोक दिया है. इस मामले पर सभी संबंधित विभागों को सर्कुलर जारी कर दिया गया है. मामले में कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन कमिश्नर, हावड़ा म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन और सभी जिलाधिकारियों को सर्कुलर जारी कर दिया गया है.
बता दें कि, NPR देश के सभी सामान्य निवासियों का दस्तावेज है और नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत स्थानीय, उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है. कोई भी निवासी जो पिछले 6 महीने या उससे अधीक समय से स्थानीय क्षेत्र में निवास कर रहा है तो उसे NPR में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होता है. जनगणना विभाग वर्तमान में 2021 में अगली जनगणना (जो एक दशक में एक बार की जाती है) की गणना कर रहा है.
इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप मेरी सरकार को बर्खास्त करना चाहते हैं तो कर दें, लेकिन मैं कभी भी नागरिकता संशोधन कानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने दूंगी.
उन्होंने कहा कि अगर वे संशोधन कानून लागू करना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें मेरी लाश से गुजरना होगा. सीएम ममता बनर्जी ने कोलकाता में कहा कि हमारा विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून केंद्र सरकार वापस नहीं ले लेगी.
इंद्रजीत कुंडू