देश को नया आर्मी चीफ मिल गया है. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भारत के नए आर्मी चीफ होंगे. मौजूदा आर्मी चीफ बिपिन रावत 31 दिसंबर 2019 को रिटायर हो रहे हैं. लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे इस वक्त सेना के उप प्रमुख हैं. एम एम नरवणे को चुनने में सरकार ने वरीयता क्रम को प्राथमिकता दी है. 31 दिसंबर को जब बिपिन रावत रिटायर होंगे तो लेफ्टिनेंट जनरल एम एम नरवणे सेना के सीनियर मोस्ट अधिकारी होंगे.
काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन का लंबा अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल एम एम नरवणे के पास सेना में काम करने का लंबा अनुभव है. वे जम्मू-कश्मीर में काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन का नेतृत्व कर चुके हैं, पूर्वोत्तर में कई ऑपरेशन संभाल हो चुके हैं, इसके अलावा डिफेंस सर्किल में उन्हें चीन के मामलों का भी एक्सपर्ट माना जाता है.
लेफ्टिनेंट जनरल का कमीशन जून 1980 में 7वीं सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में हुआ था. नरवणे जम्मू-कश्मीर में आतंकियों पर कहर बनकर टूटने वाले राष्ट्रीय राइफल्स की एक बटालियन संभाल चुके हैं. वे पूर्वोत्तर में एक इंस्पेक्टर जनरल के तौर पर असम राइफल्स के इंस्पेक्टर जनरल भी रहे हैं. इसके अलावा अंबाला स्थित खड़ग स्ट्राइक कॉर्प्स में भी उन्होंने सेवाएं दी है.
चीन से सटे बॉर्डर भी संभाल चुके हैं
31 अगस्त को का डिप्टी चीफ बनने से पहले वे देश के पूर्वी कमान को संभाल रहे थे. सेना का पूर्वी कमान चीन से सटी भारत की सीमा की रक्षा के लिए जिम्मेदार है. यहां वे जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ की हैसियत से काम कर चुके हैं. इसके अलावा ऑर्मी वार कॉलेज महू में वे इंस्ट्रक्टर रह चुके हैं. लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे म्यांमार में भारत सरकार की ओर से सेवाएं दे चुके हैं.
28 महीने तक रहेंगे आर्मी चीफ
22 अप्रैल 1960 को पैदा हुए मनोज मुकुंद नरवणे 28 महीने तक भारत के आर्मी चीफ रहेंगे. आर्मी चीफ के लिए उनके नाम की घोषणा होने के बाद आजतक ने उनसे बात की. उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी से वे बेहद खुश हैं, उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान का विषय है. उन्होंने कहा, "ये चुनौतीपूर्ण पोस्टिंग है और गर्व की बात है, हालांकि अभी ये कहा जल्दबाजी होगी हमारा फोकस किस ओर होगा, इसके लिए हमें सही समय पर अपने अधिकारियों से चर्चा करनी होगी."
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