छत्तीसगढ़ विधान सभा में करीब 10 घंटे तक चले ड्रामे के बाद आखिरकार विधान सभा स्टाफ ने जोगी कांग्रेस के प्रदर्शनकारी तीनो विधायकों को सदन से बाहर निकाला और सुरक्षित उनके घरो में पंहुचा दिया. देर रात हुए इस कार्यवाही से जोगी खेमे के विधायकों के अरमानो पर पानी फिर गया. विधायक अमित जोगी , विधायक सियाराम साहू और विधायक आर. के राय ने ऐलान किया था की वे 11 अगस्त तक सदन में ही प्रदर्शन करते रहेंगे.
बीजेपी ने इसे ड्रामा और पब्लिसिटी स्टंट बताया है तो कांग्रेस ने बेतुका, हालांकि जोगी कांग्रेस ने इस प्रदर्शन पर अपने तीनो विधायकों की पिट थपथपाई है.
सदन से बाहर निकलने के बाद अमित जोगी ने मीडिया में बयान जारी कर कहा कि मार्शलों ने उन्हें और सहयोगी विधायकों को खींचकर विधानसभा से बाहर निकाला है. विधानसभा सचिव देवेंद्र वर्मा ने इसकी पुष्टि की है कि ये तीनों विधायक मार्शल के साथ बाहर आए हैं.
सदन में घंटों धरना देने के बाद तीनों विधायकों ने कहा है कि ये लोकतंत्र की हत्या है, अमित जोगी ने कहा कि इसके विरोध में उनकी पार्टी 11 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी.
छत्तीसगढ़ विधान सभा का मॉनसून सत्र 1अगस्त से 11अगस्त तक चलना था. लेकिन इसे 3 दिन में ही अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया. सदन उस समय गरमा गया जब मुख्य विपक्षीय दल कांग्रेस ने पनामा गेट मामले पर स्थगन के जरिये चर्चा की मांग की. स्पीकर ने विपक्ष की मांग यह कहकर खारिज कर दी कि पनामा गेट मामला देश की सर्वोच्च अदालत के समक्ष विचाराधीन है. लिहाजा अदालत का सम्मान करते हुए इस पर सदन ने स्थगन पर चर्चा गैर लाजमी है
स्पीकर के इस रुख के बाद विपक्ष ने हंगामा किया और विधायक स्पीकर विल तक आ गए . इससे नाराज स्पीकर ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए विधान सभा को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया. फिलहाल विपक्षीय दल इस मामले को लेकर सड़क पर उतर रहा है.
सुनील नामदेव