रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि समुद्री तट के रास्ते से आतंकी हमला होने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हम केरल के तटीय और समुद्री सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. देश की नौसेना समुद्री रास्ते से होने वाले किसी भी हमले से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. राजनाथ सिंह ने केरल के कोल्लम में आयोजित एक समारोह में यह बात कही.
इस समारोह का आयोजन आध्यात्मिक नेता माता अमृतानंदमयी के जन्मदिन को मनाने और सीआरपीएफ कर्मियों के परिवारों को सहयोग देने के लिए किया गया था. इन सीआरपीएफ कर्मियों की फरवरी में पुलवामा आतंकवादी हमले में मौत हो गई थी. पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर हवाई हमला किया था और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था.
राजनाथ सिंह ने दिया सुरक्षा का भरोसा
शुक्रवार को कोल्लम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते हैं कि पड़ोसी देश के आतंकवादी समुद्र तटीय इलाकों में आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं, जो कच्छ से केरल तक फैला हुआ है. हालांकि, मैं हर किसी को भरोसा देना चाहूंगा कि हमारी समुद्री सुरक्षा पूरी तरह से मजबूत है. हम तटवर्ती सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.'
इससे पहले नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और भारतीय सेना के साउदर्न कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सतिंदर सैनी भी सर क्रीक के रास्ते देश में आतंकवादी घुसपैठ की आशंका जाहिर कर चुके हैं. आपको बता दें कि साल 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी समुद्र के रास्ते ही देश में घुसे थे. इस हमले को 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने अंजाम दिया था.
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