कर्नाटक का नाटकः जुड़ रहे नए अध्याय, सत्ता रहेगी बरकरार या छिन जाएगी कुर्सी

सत्ता पक्ष के आरोपों को खारिज करती रही भाजपा ने खुलकर कहा है कि सभी 15 विधायक उसके संपर्क में हैं. इन सबके बीच अब सत्ता की बाजी कौन जीतेगा, यह 18 जुलाई को ही पता चलेगा.

कर्नाटक में कौन साबित करेगा बहुमत
बिकेश तिवारी
  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 9:59 AM IST

कर्नाटक में पिछले 10 दिनों से सियासी नाटक जारी है. सत्ताधारी कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के 16 विधायकों के इस्तीफा देने के साथ 6 जुलाई को शुरू हुए इस सियासी नाटक में रोज नए अध्याय जुड़ते जा रहे हैं. सोमवार को कर्नाटक से आई दो खबरें यह संकेत कर रही हैं इस नाटक का अंत अब करीब है, तो वहीं सूबे की सियासत करवट भी ले रही है.

विधानसभा अध्यक्ष ने बयान दिया कि मुख्यमंत्री कुमार स्वामी को सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहा गया है. विश्वास प्रस्ताव पर 18 जुलाई को चर्चा होगी. दूसरी तरफ आईएमए घोटाले में घिरे कांग्रेस से निलंबित शिवाजीनगर से विधायक और प्रदेश के पूर्व मंत्री रोशन बेग को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने हिरासत में ले लिया. वहीं सत्ता पक्ष के आरोपों को खारिज करती रही भाजपा ने खुलकर कहा है कि सभी 15 विधायक उसके संपर्क में हैं. इन सबके बीच अब सत्ता की बाजी कौन जीतेगा, यह 18 जुलाई को ही पता चलेगा.

रोशन बेग की हिरासत पर भाजपा हमलावर

एसआईटी ने बयान जारी कर कहा कि बेग को बेंगलुरु एयरपोर्ट से उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह महाराष्ट्र के पुणे जाने के लिए चार्टर प्लेन में सवार हो चुके थे. एसआईटी के इस कदम पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार पर हमला बोलते हुए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और सरकारी संस्थाओं का इस्तेमाल कर अपने ही विधायकों को डराने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया.

कुमारस्वामी ने भी किया पलटवार, शिवकुमार ने जताया भरोसा

वहीं कुमारस्वामी ने भी रोशन बेग को हिरासत में लिए जाते समय भाजपा विधायक योगेश्वर की मौजूदगी का जिक्र करते हुए भाजपा पर एक मामले में आरोपी पूर्व मंत्री को भगाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए इसे शर्मनाक बताया. कुमारस्वामी ने कहा कि भाजपा हार्स ट्रेडिंग कर सरकार को अस्थिर कर रही है.

पिछले कुछ दिनों से बागियों को मनाने का प्रयास करते रहे कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने बागियों के लौट आने और सरकार के पक्ष में मतदान का भरोसा जताया. शिवकुमार ने इसके पीछे सदस्यता जाने के खतरे को वजह बताया. दोनों ही पक्ष बागियों के अपने पक्ष में मतदान का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुंबई के होटल में ठहरे बागियों के मूवमेंट पर रोक लग गई है. होटल पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.

भाजपा ने पहली बार खुलकर कहा, बागी हमारे संपर्क में

कांग्रेस और जेडीएस, दोनों ही दल इस नाटक की शुरुआत से ही भाजपा पर प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के लिए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगा रहे थे. भाजपा इसे दोनों दलों का आंतरिक मामला बता इसमें किसी भी तरह से अपनी भूमिका से इनकार करती रही. अब जबकि विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तिथि निर्धारित हो चुकी है, भाजपा नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बहुमत का विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि मुंबई में मौजूद 15 विधायक हमारे संपर्क में हैं.

बागियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले फैसला

बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला टालते रहे विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश ने 18 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने की घोषणा की है. स्पीकर का यह फैसला उनके द्वारा अपना इस्तीफा स्वीकार न किए जाने को लेकर बागी विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले आया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ चर्चा कर स्पीकर ने यह निर्णय तब लिया, जब वह संवैधानिक पद पर रहकर विधायकों के इस्तीफे पर फैसला टालने के आरोप झेल रहे थे. स्पीकर पर आरोप लग रहे थे कि वह बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला केवल इस वजह से टाल रहे कि कुमारस्वामी सरकार को बचाने और डैमेज कंट्रोल के लिए पर्याप्त समय मिल सके.

येदियुरप्पा की राह चलेंगे कुमारस्वामी

कर्नाटक का सियासी जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को विधानसभा में बहुमत साबित करना है, जो वर्तमान परिदृश्य में बेहद मुश्किल दिख रहा है. अब देखना यह होगा कि क्या कुमारस्वामी विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को मत विभाजन तक पहुंचने देंगे या विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाकर विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद बगैर मत विभाजन ही इस्तीफा दे देने वाले येदियुरप्पा की राह चल राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे?

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