92000 टन गैस और 60 भारतीय नाविक... नौसेना के सुरक्षा चक्र में भारत लौट रहे 'जग वसंत' और 'पाइन गैस', दुश्मन भी पस्त

भारतीय नौसेना ने जग वसंत और पाइन गैस नाम के दो LPG टैंकरों को हॉर्मुज स्ट्रेट पार कराने के बाद एस्कॉर्ट किया. इन जहाजों में 92,612.59 मीट्रिक टन LPG है और ये भारत आ रहे हैं. इलाके में तनाव के बीच नौसेना हाई अलर्ट पर है और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं.

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हॉर्मुज पार कर भारत आ रहे LPG टैंकर (Photo: Screengrab) हॉर्मुज पार कर भारत आ रहे LPG टैंकर (Photo: Screengrab)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:28 PM IST

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए दो भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर्स को सुरक्षित रूप से एस्कॉर्ट किया है. ये दोनों जहाज, जग वसंत और पाइन गैस, हॉर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं और भारत की तरफ बढ़ रहे हैं. इन जहाजों में कुल 92,612.59 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस यानी LPG भरी हुई है, जो भारत के लिए लाई जा रही है.

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भारतीय नौसेना ने इन जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उस समय संभाली जब ये हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे. यह इलाका दुनिया के सबसे अहम और संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है, जहां हाल के समय में क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ा हुआ है. ऐसे में इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ में 92 हजार मीट्रिक टन LPG

दोनों जहाजों पर भारतीय नाविक तैनात हैं. जग वसंत पर 33 और पाइन गैस पर 27 भारतीय नाविक सवार हैं, जो इस चुनौतीपूर्ण मार्ग से सुरक्षित तरीके से गुजरते हुए भारत की ओर बढ़ रहे हैं. जैसे ही ये गैस से भरे जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गए, भारतीय नौसेना ने तुरंत एस्कॉर्ट मिशन शुरू कर दिया और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित की.

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इस पूरे ऑपरेशन के दौरान समुद्री सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं. जहाजों की आवाजाही को बेहद करीबी से मॉनिटर किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके. हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है और यहां से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सीधे तौर पर कई देशों की ऊर्जा जरूरतों से जुड़ी होती है.

भारतीय नाविकों की मौजूदगी में जारी है जहाजों का सफर

दोनों LPG कैरियर्स अब भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं और इनके 26 से 28 मार्च 2026 के बीच पहुंचने की उम्मीद है. इस बीच भारतीय नौसेना पूरी तरह सतर्क है और उत्तरी अरब सागर के साथ-साथ पर्शियन गल्फ के पास अतिरिक्त टास्क फोर्स भी तैनात की गई है.

इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ होता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए समुद्री मार्गों पर पूरी तरह सतर्क और तैयार है. नौसेना की सक्रिय भूमिका से इन जहाजों की सुरक्षित यात्रा संभव हो पाई है और देश की ऊर्जा सप्लाई को भी मजबूती मिली है.

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