परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता को लेकर भारत ने फिलहाल अपनी कोशिशें जारी रखी हैं. वहीं, हालिया मुश्किलों से इस मुहिम पर कोई असर नहीं पड़ा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नाकामी को लेकर भारतीय कूटनीति अधिक चिंतित नहीं होती है.
टाला नहीं जा सकता भारत का दावा
स्वरूप ने कहा कि को लेकर की जा रही हमारी कोशिशें जारी हैं. वहीं भारत और पाकिस्तान की कोशिशें अलग-अलग हैं. सदस्यता हासिल करने के लिए भारत की
दावेदारी और ट्रैक रिकॉर्ड नजरअंदाज नहीं की जा सकती. यह बिल्कुल सही है.
भारतीय लोगों की भावना समझे चीन
उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश चीन को भारतीय जनता की भावनाओं को समझना चाहिए. हम चीन को मनाने की कोशिश भी कर रहे हैं. स्वरूप ने कहा कि देश की एनएसजी सदस्यता के लिए
इसीलिए इतनी गंभीर कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वह परमाणु ऊर्जा के महत्व के बारे में जानते हैं.
ऊर्जा संरक्षण के लिए चाहिए एनएसजी की सदस्यता
स्वरूप ने कहा कि के शामिल होने के बाद हमें इस बात का यकीन है कि जल्द ही एनएसजी की सदस्यता भी हासिल कर लेंगे. हम इसके लिए कोशिश
करते रहेंगे. यह सारी कोशिश ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के लिए की जा रही है.
गौरव सावंत