2003 के बाद LoC पर पहली बार आर्टिलरी का इस्तेमाल, PAK को मुंहतोड़ जवाब

अखबार के मुताबिक, रामपुर और उरी सेक्टर में 105 MM आर्टिलरी फील्ड गन का इस्तेमाल हो रहा है. 2003 में सीज़फायर लागू होने के बाद यह पहली बार हो रहा है. इससे पहले पर्सनल हथियार और मोर्टार का इस्तेमाल किया जा रहा था.

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मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 8:56 AM IST

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर लगातार तनाव भरी स्थिति बनी हुई है. पाकिस्तान की ओर से सीज़फायर उल्लंघन हो रहा है, जिसका भारतीय जवान मुंहतोड़ जवाब भी दे रहे हैं लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है. उरी सेक्टर में पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय जवान आर्टिलरी का इस्तेमाल कर रहे हैं.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 2003 के बाद यह पहली बार है जब भारतीय सेना इसका उपयोग कर रही है. आंकड़ों की मानें तो पाकिस्तान की तरफ से 2018 में अभी तक 411 बार सीज़फायर तोड़ा जा चुका है.

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अखबार के मुताबिक, रामपुर और उरी सेक्टर में 105 MM आर्टिलरी फील्ड गन का इस्तेमाल हो रहा है. 2003 में सीज़फायर लागू होने के बाद यह पहली बार हो रहा है. इससे पहले पर्सनल हथियार और मोर्टार का इस्तेमाल किया जा रहा था.

एलओसी के पास पीर पंजाल के इलाके में करीब 16 ज़ोन बने हुए हैं, जहां पर पिछले कुछ समय में भारी गोलीबारी हुई है. आर्टिलरी गन के अलावा 155 MM बोफोर्स गन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

आकंड़े के मुताबिक, बॉर्डर पर लगातार घुसपैठ की कोशिश की जा रही है. 16 घुसपैठिए करीब 4 बार कोशिश कर चुके हैं. इनमें से भारतीय सेना ने चार घुसपैठियों को मार गिराया और कई वापस भाग गए. गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने जम्मू और श्रीनगर में आतंकी हमले किए थे.

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