एक भक्त का सवाल, अगर गुरु भगवान नहीं तो कानून भी भगवान नहीं

राम रहीम को हुई सजा के मामले में आजतक ने राम रहीम की फॉलोअर एक फैमिली से बात की और जो बातें सामने आई उसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे...

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राम रहीम राम रहीम

वन्‍दना यादव

  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

अदालत में चल रहे इस मामले को लेकर हमें यकीन था कि बाबा राम रहीम इन्सां इससे बच जाएंगे. आखिर हमारे डेरा प्रमुख जब इतनी बच्चियों की परवरिश का ख्याल रख रहे हैं तो भला वो कैसे किसी की इज्जत को निशाना बना सकते हैं.

हम लोग गुरुवार रात से ही मेडिटेशन पर बैठे थे. यह आस लिए कि सबकुछ ठीक हो जाएगा. लेकिन फैसला उम्मीद से उलट आया. इस फैसले से हम हताश हैं. पूरे परिवार में किसी ने सुबह से खाना नहीं खाया है और रह-रहकर अपने गुरु के लिए आंखों में आंसू आ रहे हैं.

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ज़रा सोचिए, एक परिवार वाला व्यक्त‍ि रेप कैसे कर सकता है. कोर्ट के फैसला सही नहीं है. बाबा राम रहीम इन्सां के खिलाफ साजिश रची गई है. वर्ष 2007 में उनकी ड्रेस पर जो विवाद हुआ था, उसी को लेकर उनके विरोधियों ने उनको फंसाया है. उनके विरुद्ध ऐसे हालात बनाए गए कि वह फंस जाएं. आखिर जिन्होंने वेश्याओं को बचाया, वो कैसे ऐसा कर सकते हैं.

बाबा राम रहीम इन्सां की अपनी 3 बेटियां हैं और वह परिवार के साथ रहते हैं. उनकी 3 बेटियों में से एक गोद ली हुई है. भला बेटियों वाला कोई पिता कैसे रेप जैसी हरकत कर सकता है.

और फिर सवाल तो यह भी उठता है कि रेप केस में बाबा ही क्यों फंसे. कई अदालतों में इतने साल से रेप के मामले चल रहे हैं. बाबा अच्छे काम और लाइमलाइट में थे इसलिए उन पर ये गाज गिरी है. यहां उनको फंसाया गया है.

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बाबा ने कभी किसी पार्टी को सपोर्ट नहीं किया. उन्होंने हमेशा कहा कि जिसे देश सही समझता है उसे वोट दें. फिर हमारे गुरु ने तो आपदाओं के समय भी सरकार की मदद ही की है. जहां भी दुघर्टनाएं या आपदा आई, वहां डेरा के लोगों ने जाकर जितना हो सके उतना सहयोग किया.

गुमराह हो सकता है कानून

कानून भी गुमराह हो सकता है. अगर गुरु भगवान नहीं है तो कानून भी भगवान नहीं है. फिर अदालत में पेश करने के लिए सबूत तो बनाए जा सकते हैं. ये बात आज के दौर में कितनी आसान है, इसे सभी समझते हैं. हमारे गुरु ने समर्थकों को वापस जाने को कहा था. लेकिन वापसी का कोई साधन नहीं था क्योंकि बस और ट्रेनें तो पहले ही रद्द हो गई थीं. वहीं भीड़ का फायदा उनके एंटी ग्रुप उठा रहे हैं. वापस जाने का साधन न होने से भीड़ हो गई है और इसी बीच विरोधियों के भेजे लोग ऐसी हरकतें कर रहे हैं जिनसे डेरे के प्रमुख और उनके समर्थकों का नाम खराब हो.

डेरे के फॉलोअर्स लगातार फेसबुक पर आश्रम में रह रही बच्च‍ियों के वीडियो पेास्ट कर रहे हैं. इसके जरिए वे चाहते हैं कि उनसे सुनें कि वो क्या कहना चाह रही हैं और बता सकें वे यहां कितनी सुरक्षित हैं. लेकिन इस बात को किसी ने भी नहीं दिखाया. आपको ये भी जानकारी होनी चाहिए कि ऑफिसों में भी डेरा समर्थकों को परेशान किया जा रहा है. हमारी जानकारी में किसी को मीटिंग में इसलिए नहीं शामिल होने दिया गया क्योंकि वह डेरा समर्थक है और राम रहीम इन्सां को अपना गुरु मानते हैं. ऐसे में बात उसके नौकरी छोड़ देने पर आ गई है.

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(लेखिका एक ऐसे परिवार का हिस्सा हैं जहां डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम को भगवान माना जाता है. वो और उनका परिवार अदालत के इस फैसले और इसके बाद की परिस्थितियों को कैसे देखते हैं, उसे उन्हीं के शब्दों में यहां प्रस्तुत किया जा रहा है. यह लेखिका के निजी विचार हैं. हम बिना उनकी पहचान जाहिर किए उनका पक्ष यहां रख रहे हैं.)

 

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