नोटबंदी से महिला सांसदों और मंत्रियों को भी हुई घर चलाने में थोड़ी परेशानी

बीजेपी सांसद हेमा मालिनी से इस बारे में जाना कि नोटबंदी के बाद उनको घर चलाने में परेशानी हुई है या नहीं. सांसद और सेलिब्रिटी होने के साथ वह भी एक गृहिणी हैं. जिनको घर चलाना पड़ता है. हेमा मालिनी का कहना है कि वैसे कुछ ज्यादा परेशानी नहीं हुई.

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बीजेपी सांसद हेमा मालिनी बीजेपी सांसद हेमा मालिनी

अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 17 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 11:30 PM IST

चाहे वह आम आदमी हो या फिर नेता या मंत्री सभी को नोटबंदी के चलते थोड़ी बहुत परेशानी जरूर उठानी पड़ी है. क्या हमारी महिला सांसद और महिला मंत्रियों को भी नोटबंदी के चलते घर चलाने में परेशानी हुई है. इस बारे में हमने कुछ महिला नेताओं से बातचीत की.

सबसे पहले ड्रीम गर्ल और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी से इस बारे में जाना कि के बाद उनको घर चलाने में परेशानी हुई है या नहीं. सांसद और सेलिब्रिटी होने के साथ वह भी एक गृहिणी हैं. जिनको घर चलाना पड़ता है. हेमा मालिनी का कहना है कि वैसे कुछ ज्यादा परेशानी नहीं हुई. लेकिन घर में जो लोग काम करते हैं. नौकर-चाकर और दूसरे लोग उनको जो पैसा देना होता है. उनके पास नहीं था. इसलिए थोड़ी परेशानी जरूर हुई. हेमा को नोटबंदी को लेकर सरकार का ऐतिहासिक फैसला लगता है.

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केंद्रीय मंत्री निरंजना ज्योति बेशक काफी समय से संयासी का जीवन जी रही हों और कई आश्रम चला चला रही हों लेकिन केंद्र में मंत्री बनने के बाद उनकी भी जरूरतें कुछ बदल गई हैं. इसलिए उनको भी लाइन में लगकर घर के खर्च के लिए पैसा निकालना पड़ा है. साध्वी निरंजन ज्योति का कहना है कि वह तो साधु फकीर हैं, उनको घर चलाने के लिए खास जरूरत नहीं होती. जहां से भी मिल जाता है, वहीं से उनका गुजारा हो जाता है. लेकिन बैंक से पैसे निकलवाने के बाद काफी सुकून महसूस कर रही हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल का भी कहना है कि वह भी एक आम नागरिक हैं. उनको भी जो थोड़ी बहुत परेशानी हुई वह कुछ खास नहीं है. सरकार ने जो बड़ा फैसला लिया है, वह सबसे बड़ी बात है. सब लोगों ने उसका समर्थन किया है. धीरे-धीरे सब चीजें ठीक हो जाएंगी.

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बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी को से कुछ खास फर्क नहीं पड़ा है. उनका कहना है कि वह हर सामान के लिए चेक में पेमेंट करती हैं. इसलिए उनको कोई परेशानी नहीं हुई है. किसी भी लेना-देना होता है या मार्केट से सामान लाना होता है, वह चेक का ही इस्तेमाल करती हैं.

इन सब के विपरीत कांग्रेस की सीनियर लीडर अंबिका सोनी को लगता है कि इस फैसले से आम जनता बहुत परेशान है. उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खुद अंबिका सोनी भी मानती हैं कि इस नोटबंदी के चलते उन्होंने अपने घर का राशन और दूसरा समान काफी मात्रा में इकट्ठा कर लिया है. ताकि आगे उनको परेशानी ना हो और चेक से उन्होंने कैश निकलवाया है. जिससे जिनको कैश पेमेंट देना है, उनकी पेमेंट वह कर सकती हैं.

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