नोटबंदी का असर नक्सलियों पर, एक महीने में 564 ने किया सरेंडर

नोटबंदी का बड़ा असर नक्सलियों पर. पैसों की कमी और सुरक्षा बलों के दबाव में इस माह कुल 564 नक्सलियों और समर्थकों ने किया सरेंडर...

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जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 29 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हालिया दौर में की गई नोटबंदी का बड़ा असर नक्सलियों पर भी पड़ा है. नक्सल प्रभावित राज्यों में पैसे की कमी और सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ रहे दबाव की वजह से पिछले 28 दिनों में 564 नक्सलियों और उनके समर्थकों ने सरेंडर किया है.

यह अबतक किसी भी एक माह में नक्सलियों द्वारा किए गए सरेंडर की सबसे बड़ी संख्या है. ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों में नोटबंदी का व्यापक असर है.

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इन आकड़ों को देखें तो पाते हैं कि नवंबर माह में हुए कुल 564 सरेंडर में से 469 सरेंडर तो 8 नवंबर के बाद ही हुए हैं. नोटबंदी का बड़ा असर नक्सलियों द्वारा असलहे खरीदने के रखे पैसे पर भी पड़ा है. सुरक्षा एजेंसियों को इसके बाबत हाई एलर्ट भी जारी किया गया है.

गौरतलब है कि नोटबंदी के तहत प्रधानमंत्री ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की है. अधिकारियों की मानें तो 70 पीसद सरेंडर अकेले मलकानगिरी के जंगलों में ही हुए हैं.

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