19 साल की मेहनत के बाद 6 सीटर स्वदेशी प्रायोगिक विमान बनाने वाले कैप्टन अमोल यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. दो दिन पहले ही अमोल यादव की इस 6 सीटर विमान को विमानन नियामक डीजीसीए (डीजीसीए) से स्पेशल परमिट टू फ्लाई सर्टिफिकेट मिला था. उनका यह विमान अब उड़ान भरने और टेस्ट के लिए तैयार है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अनमोल यादव ने कहा, 'मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रोजेक्ट को फॉलो कर रहे थे. उन्होंने मुझे अपने आवास पर आमंत्रित किया. मुझसे इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में उन्होंने कई सवाल पूछे और मदद की बात कही.
19 साल की मेहनत
जेट एयरवेज में डिप्टी चीफ पायलट रहे अमोल ने घर की छत पर 19 साल मेहनत करके एयरक्राफ्ट टीएसी-003 बनाया है. एयरक्राफ्ट 2011 में बन गया था. अमोल को डीजीसीएस के इसे उड़ाने के लिए सर्टिफिकेट पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.
कौन हैं अमोल यादव?
इस प्रोजेक्ट को बनाने के लिए अमोल यादव को आर्थिक संकटों का भी सामना करना पड़ा. आर्थिक तंगी के बावजूद एयरक्राफ्ट को उन्होंने अंतिम रूप दिया.
अकेले काम करते हुए अमोल ने 6 सीट वाला एयरक्राफ्ट बनाया है और अब वो आधिकारिक रुप से इसे उड़ा भी सकते हैं. महाराष्ट्र सरकार अब इसे मेक इन इंडिया का उदाहरण बता रही है और सीएमओ महाराष्ट्र ने खुद ट्वीट कर इसके बारे में जानकारी दे चुके हैं.
गौरव सावंत