90 की स्पीड से उखड़ जाते हैं पेड़-खंभे, 240 की रफ्तार से आ रहा है फानी

चक्रवाती तूफान फानी ओडिशा के तटों से टकरा गया है. सुबह करीब 9 बजे फानी ओडिशा के पुरी में समुद्री तटों से टकराया. इस दौरान हवा की रफ्तार 180 से  245 किमी. प्रति घंटा के बीच है. तूफान को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता किए गए हैं.

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ओडिशा तक पहुंच गया है फानी ओडिशा तक पहुंच गया है फानी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 मई 2019,
  • अपडेटेड 11:27 AM IST

चक्रवाती तूफान फानी ओडिशा के तटों से टकरा गया है. सुबह करीब 9 बजे फानी ओडिशा के पुरी में समुद्री तटों से टकराया. इस दौरान हवा की रफ्तार 180 से  245 किमी. प्रति घंटा के बीच है. तूफान को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता किए गए हैं, लेकिन जिस तरह से इसकी रफ्तार है वह खतरनाक है. क्योंकि अगर तूफान की रफ्तार 90 किमी. प्रति घंटा होती है तो पेड़ उखड़ जाते हैं.

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शुक्रवार को जब फानी ओडिशा के तटों से टकराया तो दृश्य डरावना था. क्योंकि रफ्तार इतनी तेज थी कि समुद्री तट के पास मौजूद पेड़ भी उखड़ने लगे थे. हालांकि, गनीमत की बात ये भी है कि समुद्री इलाकों से लोगों को पहले ही निकाला जा चुका है.

सुबह फानी पुरी से करीब 250 किमी. दूर था और रफ्तार करीब 150 किमी. प्रति घंटा थी. लेकिन जैसे ही ये पुरी के पास पहुंचा तो इसकी रफ्तार भी बढ़ी और दहशत भी. देखते ही देखते ये रफ्तार 150 से 200 और फिर 245 किमी. प्रति घंटा तक पहुंच गई है. 

तूफान के कई तरह के जोन होते हैं, जिसके जरिए इनकी रफ्तार मापी जाती है.

जब हवा की रफ्तार 35-40 किमी. प्रति घंटा होती है – पेड़, खंभों पर असर

जब हवा की रफ्तार 70-90 किमी. प्रति घंटा होती है – पेड़, खंभे, कच्चे मकान गिर जाते हैं

जब हवा की रफ्तार 100-150 किमी. प्रति घंटा होती है – तेज हवा के साथ बारिश की संभावना

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इससे अधिक रफ्तार ना सिर्फ बिल्डिंग, पेड़ों के लिए बल्कि आम लोगों के लिए भी काफी हानिकारक होती है. ओडिशा के बाद फानी तूफान बंगाल से भी टकरा सकता है. बंगाल के सभी सरकारी स्कूलों ने शुक्रवार से गर्मियों की छुट्टी की घोषणा कर दी है. फानी को ध्यान में रखते हुए गर्मियों की छुट्टियां पहले कर दी गई हैं.

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