चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) देश के मछली और गोश्त बाजारों में सफाई व स्वास्थ्यकर परिवेश बनाने की दिशा में सक्रिय हो गया है. एफएसएसएआई के सीईओ पवन अग्रवाल का कहना है कि देश की मछली और गोश्त बाजारों में हाइजीन कंडीशन अच्छी नहीं है, लेकिन इसमें सुधार लाने की दिशा में कोशिश की जा रही है.
सीईओ पवन अग्रवाल गाजियाबाद में एफएसएसएआई के उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन के मौके पर पहुंचे थे. इस मौके पर उन्होंने कहा, ' की जो समस्या है उसके बारे में वुहान (चीन) के मीट और मछली मार्केट से जुड़े होने का अनुमान लगाया जा रहा है. हाइजीन की समस्या हमारे मीट और मछली सेक्टर में भी काफी पेचीदा है. यहां पर हाइजीन कंडीशंस अच्छे नहीं है.'
अग्रवाल ने बताया कि एफएसएसएआई ने कुछ दिन पहले ही म्यूनिसिपल स्लॉटर हाउसेस का सर्वे किया था और आजकल गैर-सरकारी स्लॉटर हाउसेस का थर्ड पार्टी ऑडिट चल रहा है. उन्होंने कहा, 'मीट शॉप के लिए हाइजीन रेटिंग स्कीम हम शुरू कर रहे हैं और हमारी कोशिश है कि हाइजीन कंडीशंस में सुधार हो.'
उन्होंने कहा कि इसमें कोरोना वायरस का कोई प्रभाव नहीं है, लेकिन इससे देश में जागरुकता आई है. इसका फायदा उठाते हुए हम अपने मीट और मछली बाजारों की सफाई और स्वास्थ्यकर दशा में सुधार लाएं. उनका कहना है कि देशभर में लगभग 550 गैर-सरकारी स्लॉटर हाउसेस है.
जानकारी के मुताबिक एफएसएसएआई ने देश में छह नए शाखा कार्यालय, चार नए आयात कार्यालय और दो नई खाद्य प्रयोगशालाएं स्थापित करने का फैसला लिया है. इसके बाद एफएसएसएआई के नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में चार क्षेत्रीय कार्यालय, 12 शाखा कार्यालय और छह आयात कार्यालय हो जाएंगे. एफएसएसएआई के कोलकाता, गाजियाबाद (दिल्ली-एनसीआर), मुंबई जेएनपीटी और चेन्नई में चार राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशालाएं और भारत-पाकिस्तान सीमा पर सनौली तथा रक्सौल में दो खाद्य प्रयोगशालाएं होंगी.
एफएसएसएआई के नए शाखा कार्यालय भोपाल, चंडीगढ़, अहमदाबाद, बेंगलुरू, विशाखापटनम और हैदराबाद में होंगे और नए आयात कार्यालय अटारी, कांडला, रक्सौल और कृष्णापटनम में होंगे.
गाजियाबाद स्थित एफएसएसएआई के उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन करते हुए एफएसएसएआई की अध्यक्ष रीता तेवतिया ने कहा, 'नए कार्यालयों के स्थान का निर्णय विभिन्न स्थानों पर खाद्य आयात तथा केंद्रीय लाइसेंसिंग के कार्यभार को ध्यान में रखकर लिया गया है.'
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