इमरान खान को भारत का जवाब- पाकिस्तान की GDP जितना हमारा राहत पैकेज

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान टेरर फंडिंग के लिए देश से बाहर कैश ट्रांसफर को लेकर जाना जाता है. भारत का प्रोत्साहन पैकेज पाकिस्तान के GDP जितना बड़ा है.

Advertisement
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2020,
  • अपडेटेड 9:18 PM IST

  • विदेश मंत्रालय का PAK पीएम इमरान खान को जवाब
  • PAK की GDP जितना हमारा प्रोत्साहन पैकेज: भारत

कोरोना संकट के बीच पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत को मदद का ऑफर दिया है. इमरान खान के इस ऑफर का भारत ने करारा जवाब दिया और कहा कि जितनी पाकिस्तान की GDP है उतना तो हमारा राहत पैकेज है. दरअसल, इमरान खान ने गुरुवार को एक रिपोर्ट का दावा करते हुए ट्वीट किया कि भारत में 34 फीसदी परिवारों को अगर अगले एक हफ्ते में आर्थिक मदद नहीं मिली, तो संकट पैदा होगा. ऐसे मुश्किल के समय में हम भारत की मदद करना चाहते हैं.

Advertisement

इमरान खान के ट्वीट का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा प्रोत्साहन पैकेज पाकिस्तान की जीडीपी जितना बड़ा है. पाकिस्तान के पीएम को बेहतर सलाह मिलनी चाहिए. विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद को लोन संकट की भी याद दिलाई.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान टेरर फंडिंग के लिए देश से बाहर कैश ट्रांसफर को लेकर जाना जाता है. भारत का राहत पैकेज पाकिस्तान के GDP जितना बड़ा है.

क्या कहा था इमरान खान ने

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से ट्वीट में लिखा गया कि रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 34 फीसदी परिवार ऐसे हैं जिन्हें अगले एक हफ्ते में अगर आर्थिक मदद नहीं मिले, तो वो सर्वाइव नहीं कर पाएंगे. मैं इस मामले में भारत की मदद करने को तैयार हूं कि किस तरह कैश को इन लोगों को सीधे ट्रांसफर किया जाए.

Advertisement

इमरान खान ने दावा किया कि हमारी तकनीक की दुनियाभर में तारीफ हुई है. हमारी सरकार ने नौ हफ्ते में 120 बिलियन रुपये एक करोड़ परिवारों को ट्रांसफर किए हैं. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने लिखा कि कोरोना संकट के बीच उनकी सरकार ने गरीबों की मदद की है.

चीन और नेपाल के साथ तनाव पर क्या बोला विदेश मंत्रालय

चीन और नेपाल के साथ भारत के रिश्ते कठिन दौर से गुजर रहे हैं. विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास जारी है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद सैन्य और राजनयिक स्तर से सुलझाने की कोशिश जारी है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों देश सीमा क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द स्थिति को हल करने के लिए अपनी सैन्य और राजनयिक व्यस्तता बनाए रख रहे हैं.

वहीं, नेपाल के साथ जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि नेपाल की सभ्यता के साथ हमारा गहरा संबंध है. कोरोना संकट के दौर में भी भारत नेपाल के संपर्क में है और दोनों देशों में जारी लॉकडाउन के बावजूद चीजें जमीन पर अच्छी तरह से काम कर रही हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement