प्रवासी मजदूरों को लेकर बीजेपी पर भड़की कांग्रेस, सिंघवी बोले- रेल मंत्री इस्तीफा दें

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रवासी मजदूरों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है. सिंघवी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों से सरकार ने पैसे एकत्रित किए हैं या राज्य सरकार ने उनका खर्चा उठाया है.

Advertisement
अभिषेक मनु सिंघवी अभिषेक मनु सिंघवी

अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 04 जून 2020,
  • अपडेटेड 12:34 AM IST

  • सरकार ने कहा कि मजदूरों से कोई पैसा नहीं लिया जा रहा है- सिंघवी
  • 'सरकार को रेल मंत्री को हटाना पड़ेगा या उन्हें खुद इस्तीफा देना पड़ेगा'

कोरोना वायरस के चलते सरकार ने 25 मार्च से देश भर में लॉकडाउन लगा दिया था. लॉकडाउन के बाद प्रवासी मजदूरों ने पैदल ही हजारों किलोमीटर अपने गांव/घर की तरफ चलना शुरू कर दिया था क्योंकि लॉकडाउन में सरकार ने यातायात पर भी रोक लगा दी थी. हालांकि बाद में कुछ श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं और अब तो देशभर में रेल सुविधा दोबारा शुरू कर दी गई है, लेकिन कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इसको लेकर सरकार पर निशाना साधा है.

Advertisement

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'आज सच्चाई ये है कि बीजेपी के विभिन्न पदाधिकारियों और मंत्रियों ने बार-बार कहा है कि या तो भारतीय रेलवे मुफ्त में ये सर्विस दे रही है या 85 प्रतिशत यात्रा की कीमत सब्सिडाइज्ड है. ये आपको अलग-अलग समय पर रेलवे मंत्री ने, आईबी मंत्री ने, वित्त मंत्री ने, श्री संतोष ने, संबित पात्रा ने, कई नाम और हैं. सभी ने ये कहा है.'

सिंघवी ने की रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा, 'अब आप सोचिए कि आपको ये कहना कि 85 प्रतिशत तक सब्सिडाइज्ड है या मुफ्त है, इससे बड़ा झूठ कुछ हो सकता है, इससे बड़ा मिथ्या प्रचार कुछ हो सकता है? ये विकृतपना क्यों? अब तो ये ठोस रूप से प्रमाणित हो गया है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने, जहां न्यायिक प्रक्रियाएं होती है, जहां झूठ बोलने का कोई स्कोप नहीं, वहां बताया गया है कि 100 प्रतिशत इस यात्रा की कीमत या तो भेजने वाला प्रदेश या जिस प्रदेश से वो जा रहे हैं, वो वहन करता है, उसके ऊपर भार होता है, 100 प्रतिशत सैंडिग स्टेट और रिसिविंग स्टेट.'

Advertisement

अभिषेक मनु सिंघवी बोले, 'जब केंद्र सरकार का ये स्टेंड है, तो बार-बार ये झूठा प्रचार एक महीने से क्यों किया गया. क्या ये इतना बड़ा झूठ नहीं है, जिसको एक्सपोज करना चाहिए? तथ्य भी मैं देने वाला हूं जिस आधार पर हम कहते हैं कि माननीय रेलवे मंत्री को इस्तीफा देना पड़ेगा और या फिर उन्हें हटाना पड़ेगा. इसके अलावा तीसरा कोई विकल्प नहीं है. ये सभी दयनीय तथ्य हैं, झूठे तथ्य बताए गए हैं और विकृत तथ्य बताए गए हैं और सच्चाई दयनीय है.'

बकौल अभिषेक मनु सिंघवी, सरकार का कहना है कि हम उनसे और कुछ चार्ज नहीं कर रहे हैं, ये गलत है. 30 रुपए सुपर फास्ट चार्जेस, 20 रुपए खाने-पीने का, ये अतिरिक्त चार्जेस है और ये प्रमाणित है, इसका नोट देंगे हम आपको और लिंक भी देंगे, तो इतना बड़ा झूठ कैसे कहा जा सकता है? आपको याद है कि सुप्रीम कोर्ट ने फिर आदेश दिया कि उनको सब सहूलियत मिले, उनसे कोई पैसा नहीं मांगा जाए. तो ये दूसरा झूठ प्रमाणित होता है.'

ट्रेनों पर नहीं था सरकार का रुख साफ- सिंघवी

सरकार और रेल मंत्री पर हमला करते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'तीसरा, ये मैं कोट कर रहा हूं रेलवे ऑफिशियल को, ‘प्रवासी मजदूरों को रेलवे की तरफ से मुफ्त में खाना और पानी की बोतल दी जा रही हैं. हमने अब तक 34 ट्रेनें चलाई हैं और हम लगातार और भी चला रहे हैं. हमने कहा है कि प्रवासियों से किराया एकत्रित किया गया है.' इन व्यक्ति ने, महानुभाव ने फेयर के बारे में भी कह दिया और खाने-पीने के सामान के बारे में भी और सुपर फास्ट चार्ज के बारे में, ये फिर प्रमाणित होता है झूठा.'

Advertisement

सिंघवी ने कहा, 'चौथा, बीजेपी पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष दिलीप घोष ने इसको ‘स्मॉल आइसोलेटेड इंसिडेंट’ बताया है, ये आपके सामने प्रमाणित और प्रकाशित है. आप उनके साथ इस प्रकार से व्यवहार कर रहे हैं, उनको ‘स्मॉल आइसोलेटेड’ कहा गया है.

अपना पांचवा तथ्य बताते हुए उन्होंने कहा, 'माननीय अमित शाह जी ने खुद कहा है कि ये '85 प्रतिशत सब्सिडाइज्ड है और 15 प्रतिशत नहीं है.' ये इन्होंने खुद ने कोट, अनकोट में कहा है. मेरे पास इसका भी कोटेशन है, आपको दस्तावेज भी दूंगा. ये पूरा मिथ्या प्रचार आपके सामने एक्सपोज करने का प्रयत्न कर रहे हैं.'

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, 'छठा पहलू, माननीय गृहमंत्री ने ये भी कहा कि हमने तो पर्याप्त प्रबंध किया था. लेकिन प्रवासी श्रमिकों ने सब्र छोड़ दिया और पैदल चलना शुरू कर दिया. अब ये कितना क्रूर मजाक है, ये कितनी गलत बात है. आपने 4 घंटे का नोटिस दिया, उसके बाद 2 महीने तक किसी प्रकार का वाहन नहीं दिया, ना हवाई जहाज से लेकर ट्रेन तक, बस तक. फिर आपने अप्रैल के अंत में जो शुरू किया है, उसके बाद कई हफ्तों तक सूचना नहीं थी, आंकड़े नहीं थे, लोग प्लेटफार्म पर पहुंच कर दिनों में बैठ जाते थे. किस ट्रेन में कब जाएंगे?'

Advertisement

चीन पर क्या बोले अभिषेक मनु सिंघवी?

सिंघवी बोले, 'उनको मालूम नहीं और आप कहते हैं कि आपने बिना समय दिया पैदल चलना शुरू कर दिया, हमने आपके लिए सब प्रबंध किया था. ये तो अभी जाकर एक महीने बाद आंशिक रुप से सुव्यव्स्थित हुआ है, आंशिक रुप से वो भी. अब और आप कह रहे हैं कि इतने लंबे समय के लिए घबरा कर बेचारा श्रमिक निकल गया. माननीय गृहमंत्री ने उसके ऊपर ऐसा क्रूर मजाक किया है. इसलिए हमने कहा कि अगर थोड़ी भी शर्म है, थोड़ी भी आंख में शर्म है तो माननीय प्रधानमंत्री और सरकार को रेल मंत्री को हटाना पड़ेगा या उनको खुद को इस्तीफा देना पड़ेगा.'

अभिषेक मनु सिंघवी ने आगे कहा, 'एक और महत्वपूर्ण मुद्दा है और बड़ी विनम्रता से सरकार से ये कहना चाहता हूं कि किसी भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर हम आपके साथ खड़े हैं. आप चीन पर कुछ भी नीति अपनाएंगे, आक्रामक या बातचीत की, हम उन सबमें आपके साथ भागीदारी के साथ खड़े हैं. लेकिन आप जब तक इस पर डिस्टोर्ट करेंगे या छुपाने का प्रयत्न करेंगे, तब तक देश पूछता रहेगा.'

कांग्रेस नेता ने कहा, 'इस प्रक्रिया में एक बड़ा विचित्र उदाहरण है और मैं कोट कर रहा हूं माननीय रक्षा मंत्री को, जो मैं नहीं समझता कि कोई और बोल सकता था, क्योंकि ये उनका कल का स्वाभाविक कोट, स्टेटमेंट है- ‘पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिक अच्छी-खासी संख्या में आ गए हैं और भारत ने स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं.' इस वाक्य को एक और वाक्य से जोड़ूं जो ये दो-तीन वाक्य के बाद आता है, उन्होंने कहा- ‘चीनी वहां तक आ गए हैं, जिसको वे अपना क्षेत्र होने का दावा करते थे, जबकि भारत का मानना है कि वो उसका क्षेत्र है.’ अब इन दोनों को जोड़ लीजिए तो जाहिर है कि जिनको हम अपना क्षेत्र समझते हैं, उसमें चीनी अच्छी-खासी संख्या में आ गए हैं, ये आम भाषा में है, ये कोट्स में हैं, ये कल का वक्तव्य है. आप भी पढ़ लीजिए. मैंने आपके लिए पढ़ दिया है, इसमें कोई रॉकेट साइंस नहीं है.'

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement