राहुल के बयान के बाद कांग्रेस ने गिनाईं RSS और मुस्लिम ब्रदरहुड की समानताएं

बता दें कि राहुल गांधी ने एक ओर संघ की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड से की थी. लेकिन उसके बाद भी आरएसएस ने ऐसे संकेत दिए थे कि वह राहुल गांधी को चर्चा के लिए एक कार्यक्रम में बुला सकते हैं.

कांग्रेस का आरएसएस पर हमला जारी (फाइल फोटो)
मोहित ग्रोवर
  • नई दिल्ली,
  • 30 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर हमला करना तेज कर दिया है. हाल ही में उन्होंने संघ की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड से की थी, जिसकी संघ ने घोर निंदा भी की थी. अब कांग्रेस की ओर से तथ्यों के साथ संघ पर निशाना साधा गया है.

कांग्रेस की IT सेल प्रमुख और पूर्व लोकसभा सांसद दिव्या स्पंदना ने गुरुवार को ट्वीट कर संघ और मुस्लिम ब्रदरहुड की तुलना की. उन्होंने कुछ आंकड़े जारी करते हुए लिखा कि मुस्लिम ब्रदरहुड और संघ की स्थापना एक ही दशक में हुई, दोनों का लक्ष्य समान ही है. इतना ही नहीं बल्कि इनके काम करने का तरीका भी एक ही है.  

दिव्या ने गिनाए ये तर्क

 मुस्लिम ब्रदरहुड

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

 1920 के दशक में स्थापना 1920 के दशक में स्थापना
 सेकुलर स्टेट को बदलने का लक्ष्य सेकुलर स्टेट को बदलने का लक्ष्य
 2011 में अरब क्रांति ने मुस्लिम ब्रदरहुड को शक्ति दी और मोरसी सत्ता में आया 2011 में अन्ना आंदोलन से RSS को तेजी मिली, जिसके बाद मोदी सत्ता में आए
 मुस्लिम ब्रदरहुड देश पर पूरी तरह कंट्रोल चाहता था आरएसएस देश पर कंट्रोल चाहता है
 अनवर सादत की हत्या के बाद बैन किया गया महात्मा गांधी की हत्या के बाद किया गया था बैन

राहुल गांधी ने की थी तुलना...

बता दें कि लंदन स्थित थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज में लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा था, 'आरएसएस की सोच अरब देशों के मुस्लिम संगठन ब्रदरहुड जैसी है. आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है. अन्य पार्टियों ने भारत की संस्थाओं पर कब्जा करने के लिए कभी हमला नहीं किया, लेकिन आरएसएस कर रहा है.'

मुस्लिम ब्रदरहुड मिस्र का सबसे पुराना और सबसे बड़ा इस्लामी संगठन है. इसे इख्वान अल- मुस्लमीन के नाम से भी जाना जाता है. इसकी स्थापना 1928 में हसन अल-बन्ना ने की थी.

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