कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. सरकारी दफ्तरों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. लोग घर से कम निकल रहे हैं. बहुत सी कंपनियां अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सहूलियत मुहैया करा रही हैं. लिहाजा, लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल भी कम कर रहे हैं.
इन ट्रेनों को किया गया कैंसिल
इसका असर मंगलवार को ट्रेनों के संचालन पर भी दिखा. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक कोरोना वायरस और यात्रियों की कमी के चलते मध्य रेलवे ने 22 ट्रेनों को 31 मार्च तक रद्द कर दिया. मध्य रेलवे की तरफ से जारी बयान के मुताबिक यात्रियों की कमी की वजह से 22 ट्रेनों को 17-31 मार्च तक रद्द किया जा रहा है. इससे पहले भारतीय रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ाने का फैसला किया था. हालांकि रेलवे ने ट्रेनों को कैंसिल करते हुए यह साफ नहीं किया है कि ट्रेनों में लोगों की आवाजाही क्यों कम हुई है.
बढ़े प्लेटफॉर्म टिकट के दाम
रेलवे ने 6 डिवीजनों के स्टेशनों के लिए प्लेटफॉर्म टिकट का दाम 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है ताकि स्टेशन पर भीड़ हो. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक मुंबई, वड़ोदरा, अहमदाबाद, रतलाम,राजकोट, भावनगर डिवीजन के रेलवे स्टेशनों पर अब 10 के बजाय 50 रुपये में प्लेटफॉर्म टिकट मिलेंगे ताकि स्टेशनों पर अनावश्यक भीड़ न एकत्रित हो. प्लेटफॉर्म टिकट के दाम में वृद्धि सोमवार आधी रात से लागू है.
मुंबई में लोकल ट्रेन होंगी बंद!
इस बीच कहा जा रहा है कि मुंबई की लाइफलाइन लोकल ट्रेन सेवाओं को कुछ दिनों के लिए रोके जाने का महत्वपूर्ण फैसला महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लेंगे. स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मंगलवार को यह जानकारी दी. महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस को 'दूसरे चरण से तीसरे चरण में' किसी भी कीमत पर फैलने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
इस फैसले में उपनगरीय ट्रेनों के अलावा मुंबई मेट्रो रेल, मोनोरेल और परिवहन के अन्य सार्वजनिक साधन शामिल हो सकते हैं, जो देश की वाणिज्यिक राजधानी को करीब ठप्प करने की क्षमता रखते हैं.
टोपे ने कहा, "ट्रेन के सभी कोचों को फ्यूमिगेट करना, भीड़ से बचने के लिए प्रत्येक बोगी में उपलब्ध सीटों की संख्या के अनुसार यात्रियों को सीमित करने के भी विकल्प पर विचार किया जा रहा है. ऐसा पूरी तरह से ट्रेन सेवाओं को रोकने की बजाय किया जा सकता है."
मिलन शर्मा