दुनिया के लिए नजीर होगा अयोध्या का राम मंदिर, जानें मक्का-वेटिकन सिटी की भव्यता

राम मंदिर अब दो नहीं बल्कि तीन मंजिल का बनाया जाएगा. इसकी ऊंचाई 161 फीट, चौड़ाई 235 फीट और लंबाई 360 फीट रखी जाएगी. हालांकि, मंदिर का मूल लुक पुराने मॉडल जैसा ही रहेगा.

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अयोध्या में 5 अगस्त को रखी जाएगी राम मंदिर की नींव अयोध्या में 5 अगस्त को रखी जाएगी राम मंदिर की नींव

जावेद अख़्तर

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST

राम मंदिर निर्माण की तैयारी पूरी हो गई है. पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री पहुंचना शुरू हो गई हैं. मंदिर का मॉडल भी तैयार हो गया है. पुराने प्रस्तावित मॉडल में बदलाव करते हुए राम मंदिर को और ज्यादा भव्य बनाया जा रहा है. माना जा रहा है कि राम मंदिर निर्माण से अयोध्या नगरी देश ही नहीं बल्कि दुनिया में हिंदुओं की नई धार्मिक-सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभरेगी. उसकी महत्ता कुछ-कुछ वैसी ही होगी जैसे मुस्लिमों के लिए पवित्र मक्का और ईसाई धर्मावलंबियों के लिए वेटिकन सिटी की है.

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ऐसा होगा राम मंदिर

राम मंदिर अब दो नहीं बल्कि तीन मंजिल का बनाया जाएगा. इसकी ऊंचाई 161 फीट, चौड़ाई 235 फीट और लंबाई 360 फीट रखी जाएगी. हालांकि, मंदिर का मूल लुक पुराने मॉडल जैसा ही रहेगा. लेकिन भव्यता में काफी बदलाव किए गए हैं. मंदिर में तीन नए शिखर होंगे. दो शिखर साइड में होंगे और एक शिखर आगे की ओर बनाया जाएगा जिसे मिलाकर अब मंदिर में कुल पांच शिखर होंगे.

इस मंदिर में कुल 318 खंभे होंगे. हर तल पर 106 खंभे बनाए जाएंगे. राम लला का मंदिर जमीन से 17 फीट की ऊंचाई पर बनाया जाएगा. दूसरे तल पर राम दरबार होगा. करीब 69 एकड़ भूमि पर बनने वाला पांच शिखर वाला ऐसा मंदिर दुनिया में कहीं नहीं है. लेकिन दुनिया के दूसरे दो बड़े धर्मों इस्लाम और ईसाई के सबसे बड़े धार्मिक प्रतीक कैसे और कितने भव्य हैं इसे भी समझते हैं.

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मक्का की मस्जिद

मक्का सऊदी अरब का वो शहर है, जो दुनिया के मुसलमानों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है. साथ ही दुनिया की सबसे महंगी जमीन भी मक्का में ही है. करीब दो हजार वर्ग किलोमीटर में बसे मक्का क्षेत्र की आबादी करीब 83 लाख (2016 की जनगणना के अनुसार) है. इस शहर की जमीन के रेट दुनिया में सबसे ज्यादा हैं.

Mecca.net वेबसाइट के मुताबिक, यहां स्थित मस्जिद अल-हरम के आसपास जमीन की कीमत एक लाख डॉलर प्रति स्क्वायर मीटर है. यानी एक स्क्वायर मीटर जमीन की कीमत 70 लाख भारतीय रुपये के बराबर है. मक्का की जमीन के रेट की तुलना अगर दुनिया के दूसरे महंगे शहरों से की जाए तो दूसरे नंबर पर मोनाको का मोंटी कारलो है, जहां मक्का से आधे रेट पर जमीन मिलती है. अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से भी मक्का में 6 गुना ज्यादा महंगी जमीन है.

मक्का की जमीनी कीमत के साथ ही इसकी धार्मिक महत्ता भी पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए सबसे ज्यादा है. इसी शहर में इस्लाम के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद का जन्म हुआ था. दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद भी मक्का में ही है, जिसका नाम मस्जिद-अल हरम है.

मक्का मस्जिद के फर्श का दायरा 1 लाख 60 हजार यार्ड है, जहां एक साथ 12 लाख लोग नमाज पढ़ सकते हैं. यह मस्जिद काबा के चारों तरफ बनी है. काबा से कुछ ही दूरी पर जमजम का कुआं है. जमजम एक पानी है और मुसलमानों के लिए इसकी मान्यता गंगा जल की तरह है.

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मक्का में ही हज होता है. हज इस्लाम के पांच सबसे प्रमुख स्तंभों (इस्लाम के पांच फर्ज़) में से एक है. हर मुसलमान के लिए अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार मक्का जाकर हज करना जरूरी है. लिहाजा, दुनियाभर के मुसलमान बड़ी तादाद में हर साल हज के लिए मक्का जाते हैं. हज ईद-अल अजहा (बकरीद) के मौके पर ही किया जाता है. जो लोग इस मौके पर नहीं जा पाते वो साल के किसी अन्य महीने में मक्का जाते हैं और उनकी इस तीर्थयात्रा को 'उमराह' कहा जाता है. हालांकि, इस साल (2020) कोरोना वायरस महामारी के चलते हज टाल दिया गया है.

हज और उमराह मक्का में होने वाली दो प्रमुख तीर्थयात्रा हैं. इससे सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलता है. साल-दर साल हज के लिए जाने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है. साल 2019 में हज यात्रियों की संख्या 24 लाख 89 हजार 406 थी. सऊदी की इकोनॉमी में भी हज का बहुत बड़ा योगदान है. 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हज और उमराह से सऊदी की जीडीपी को 12 अरब डॉलर से ज्यादा का मुनाफा हुआ, जो सऊदी की कुल जीडीपी का करीब 7 फीसदी था. तेल के बाद हज और उमराह से सऊदी को सबसे ज्यादा कमाई होती है और 2022 तक इसका लक्ष्य 150 अरब डॉलर रखा गया है.

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कैसा है ईसाइयों का पवित्र स्थल वेटिकन सिटी

इटली के रोम में स्थ‍ित वेटिकन सिटी 44 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में बसा हुआ है. करीब 1000 जनसंख्या वाला ये देश ईसाई समुदाय के लिए मक्का या अयोध्या जैसा ही है. यहां ईसाई समुदाय का प्रसिद्ध रोमन कैथोलिक चर्च है. धर्म गुरु पोप की वजह से यह देश पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां के गिरजाघर, मकबरे, संग्रहालय इत्यादि आकर्षण का केंद्र हैं.

रोमन कैथोलिक चर्च दुनिया का सबसे बड़ा ईसाई चर्च है. 2017 के आंकड़ों के मुताबिक इसमें दुनिया भर के करीब 1.3 बिलियन बापटिस्ट मान्यता वाले कैथोलिक हैं. कहते हैं कि इस चर्च ने पश्चिमी सभ्यता के इतिहास और विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई है. वेटिकन सिटी रोमन कैथोलिक चर्च सहित अन्य इमारतों के कारण दुनिया की धरोहरों में शुमार है.

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