सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि जितनी तेजी से देश में बीजेपी का विस्तार नहीं हुआ उतनी तेजी से असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) बढ़ी है, जो कि चिंता की बात है. तथ्यों पर जाएं तो ये बात पूरी तरह सही है कि AIUDF ने असम में बहुत तेजी से पांव पसारे हैं. इस पार्टी के मुखिया बदरुद्दीन अजमल हैं. 13 साल के भीतर अजमल ने असम की राजनीति में अपनी अहम जगह बना ली है. हालांकि वो सिर्फ सियासत में ही कमायब नहीं हुए बल्कि कारोबार के क्षेत्र में भी उन्होंने खासी सफलता पाई है. इत्र के दुनिया में उनकी बादशाहत कायम है.
है जो वो पिछले 60 साल से कर रहे हैं. 12 फरवरी 1950 को मुंबई के एक मध्यम परिवार में बदरुद्दीन अजमल का जन्म हुआ, पर मूलत: वो असम के रहने वाले हैं. यूपी में पढ़ाई की और असम को अपनी सियासत की जमीन बनाया. जबकि उनका कारोबार असम से लेकर मुंबई और दुनिया के तमाम देशों में है.
बदरुद्दीन कंधे पर असमिया गमछा लटकाए रहते हैं. अजमल समूह के नाम से उनका कारोबार है. वो कारोबार इत्र तक ही सीमित नहीं है बल्कि रियल इस्टेट से लेकर चमड़ा उद्योग, चाय उत्पादन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा में भी उनका दखल है. उनका कारोबार भारत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, सिंगापुर सहित कई देशों में फैला हुआ है.
अजमल फ्रेगरेंसेज एंड फैशंस, , बेलजा इंटरप्राइजेज, हैप्पी नेस्ट डेवलपर्स, अल-मजीद डिस्टलेशन एंड प्रोसेसिंग और अजमल बायोटेक कंपनियां अजमल समूह में शामिल हैं.
अजमल के पास 43 करोड़ की संपत्ति है, तो उनके भाई सिराजुद्दीन अजमल 67 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं. इसके अलावा उनके दो बेटों के पास 16 करोड़ की संपत्ति है.
कुबूल अहमद