बीमार डॉगी के इलाज में खर्च कर दिए ढाई लाख, नहीं बचा तो घर में बनवाई समाधि, और...

राजस्थान के फतेहपुर शेखाबाटी (Fatehpur Shekhabati, Rajasthan) में एक शख्स के डॉगी (Dog) की बीमारी के चलते मौत हो गई. कैप्टन नाम के डॉगी की मौत के बाद मालिक ने हिंदू रीति रिवाज से उसका अंतिम संस्कार किया. मुंडन करवाकर शोकसभा आयोजित की गई. जागरण के साथ ही मृत्युभोज भी किया गया. इस शख्स ने बीमारी डॉगी के इलाज पर करीब ढाई लाख रुपये खर्च कर दिए थे.

Advertisement
बीमार डॉगी के इलाज में खर्च कर दिए ढाई लाख, नहीं बचा तो घर में बनवाई समाधि. बीमार डॉगी के इलाज में खर्च कर दिए ढाई लाख, नहीं बचा तो घर में बनवाई समाधि.

aajtak.in

  • फतेहपुर शेखाबाटी,
  • 01 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 8:57 PM IST
  • डॉगी की मौत के बाद शोकसभा आयोजित
  • अंतिम संस्कारों के साथ कराया मृत्युभोज
  • मालिक ने करवाया मुंडन, रात्रि जागरण किया

व्यक्ति का किसी से प्रेम हो तो वह कुछ भी कर सकता है. यह प्रेम व्यक्ति के प्रति भी हो सकता है और पशु-पक्षी के प्रति भी हो सकता है. एक ताजा मामला कस्बे के भार्गव मोहल्ले में सामने आया. यहां अशोक गौड़ नाम के कथावाचक ने अपने कुत्ते (Pet Dog) के इलाज पर लाखों रुपये खर्च कर दिए. इसके बावजूद जब कुत्ता नहीं बचा तो उसकी याद में अपने घर में उसकी समाधि बनवाई. खुद का मुंडन करवाया. इसके साथ ही सनातनी परंपरा से होने वाले अंतिम संस्कार की तरह सभी अनुष्ठान कराए. कुत्ते की आत्मा की शांति के लिए हवन करवाया और संतों की उपस्थिति में रात्रि जागरण भी हुआ. 

Advertisement

यह मामला सीकर के फतेहपुर (Fatehpur Shekhabati, Rajasthan) का है. उनका पालतू कैप्टन अचानक बीमार हो गया. अशोक इलाज के लिए डॉगी को दिल्ली ले गए. पता चला कि उसे ट्यूमर है. दिल्ली में इलाज और अमेरिका से मेडिसिन मंगवाईं. तीन महीने में दवाओं पर करीब ढाई लाख रुपए खर्च कर दिए. इसके बाद भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ और 30 मार्च को मौत हो गई. अशोक गौड़ कथावाचक हैं. उन्होंने कैप्टन का इलाज दिल्ली में डॉ. आरके गौतम से करवाया. कैप्टन की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में आ गया.

डॉगी के लिए रखा था अलग से ATM कार्ड

अशोक ने बताया कि डॉगी के लिए अलग से एटीएम कार्ड था. कहीं भी शादी में जाने के दौरान परिवार के सदस्यों जैसे कपड़े पहनता था. सोने की चेन, खुद के नाम का लॉकेट व शादी विवाह में घर के सदस्यों की तरह रस्मों में शामिल होता था. वहीं कैप्टन की मौत के बाद मित्र, रिश्तेदार शोक प्रकट करने पहुंचे. अपने प्यारे पालतू कुत्ते की मौत पर अशोक ने मुंडन करवाया. अपने घर में ही उसकी समाधि बनाकर अंतिम संस्कार किया. शोकसभा कर उसे श्रद्धांजलि दी. डॉगी की आत्मा की शांति के लिए हवन, यज्ञ करवाया और शेखावाटी के संत गुलाबनाथ महाराज के सान्निध्य में 31 मार्च को रात्रि जागरण किया. भंडारे का भी आयोजन किया. इसमें आसपास के अनेक लोगों को आमंत्रित किया.

Advertisement

पार्षद अनिल भार्गव और प्रमोद भार्गव ने बताया कि कस्बे के भार्गव चौक निवासी अशोक गौड़ का अपने लेब्राडोर प्रजाति   के डॉगी कैप्टन से बेहद प्यार था. वह अपने परिवार के लोगों की तरह उनका जन्मदिन मनाते थे. कैप्टन को सोने की चेन भी पहनाई गई थी. अशोक ने बताया कि वह दिल्ली से लेब्राडोर प्रजाति का कुत्ता लेकर आया था, जिसका नाम कैप्टन रखा था. बहुत जल्द यह कैप्टन परिवार के सभी सदस्यों का बेहद प्यारा हो गया. अशोक और उसका परिवार अपने परिवार के अन्य सदस्यों की तरह धूमधाम से डॉगी कैप्टन का जन्मदिन मनाता था. उसे सोने की चेन पहनाता था.

अशोक ने अपने घर का शिलान्यास भी पालतू डागी से ही करवाया था. अशोक गौड़ ज्योतिष और कथावाचन का कार्य करते हैं. अभी उनके नए भवन का निर्माण चल रहा है. अशोक के पुत्र ने बताया कि उनके पापा ने मकान का शिलान्यास भी अपने पालतू डॉगी से करवाया था. पालतू डॉगी कैप्टन की मौत पर गौशाला सहित अन्य स्थानों पर दान पुण्य में 21 हजार से अधिक की राशि खर्च की.

रिपोर्टः राकेश गुर्जर

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement