जोधपुर में काले हिरणों के शिकार के मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान की मुश्किलें बढ़ गईं हैं. आर्म्स एक्ट में बरी हुए सलमान खान के खिलाफ राजस्थान सरकार ने अपील करते हुए नए साक्ष्य पेश किए हैं. राजस्थान सरकार की तरफ से सरकारी वकील ने कहा कि सलमान खान ने हथियारों के लाइसेंस को लेकर सीजेएम ग्रामीण में एक झूठा एफिडेविट पेश किया था.
डीजे ग्रमीण कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील पोकरराम विश्नोई ने एक 340 की अर्जी कोर्ट में पेश की जिसमें सलमान के खिलाफ अदालत को गुमराह करने और झूठे साक्ष्य पेश करने को लेकर सीजेएम ग्रामीण कोर्ट में लंबित अर्जी पर पहले सुनवाई करने की अपील की गई है. अर्जी के दायर होने के बाद कहीं ना कहीं सलमान के झूठ सलमान की मुश्किलें बढ़ते नजर आ रही है.
सलमान खान के खिलाफ अवैध हथियार के मामले में सीजेएम ग्रामीण कोर्ट ने भले हीं सलमान खान को बरी कर दिया हो लेकिन इसी मामले के फैसले के दौरान अभियोजन पक्ष का एक प्रार्थना पत्र लम्बित रह गया था. अभियोजन पक्ष ने अब इसी प्रार्थना पत्र को जिला एवं सेशन न्यायालय ग्रामीण में पेश कर दिया है. अवैध हथियार के मामले के दौरान ही अभियोजन पक्ष ने सीआरपीसी 340 के तहत एक प्रार्थना पत्र पेश किया था जिसमें सलमान खान पर कोर्ट को गुमराह करने एवं झूठा शपथ पत्र पेश करने का आरोप लगाया है. सलमान खान ने मामले की ट्रायल के दौरान शपथ पत्र पेश किया था कि उसके हथियार का लाईसेंस गुम हो गया है जबकि इसी दौरान हथियार का लाईसेंस मुम्बई में नवीनीकरण के लिए भेजा गया था.
ऐसे में अभियोजन पक्ष ने सीआरपीसी 340 के तहत एक प्रार्थना पत्र पेश किया था जिसका निर्णय अवैध हथियार मामले के साथ होना था लेकिन 18 जनवरी 2017 को निर्णय के दिन उसका फैसला नही किया गया था. अभियोजन पक्ष ने दुबारा कोर्ट के संज्ञान में इस प्रार्थना पत्र को लाकर सलमान के लिए मुश्किल बढ़ा दी है. पहले यह सीजेएम कोर्ट मे पेश किया था लेकिन अवैध हथियार मामले में अपील जिला एवं सेशन न्यायालय ग्रामीण में होने के चलते अब यह प्रार्थना पत्र लोक अभियोजक पोकरराम विश्नोई ने डीजे ग्रामीण में पेश किया है जिस पर सुनवाई के लिए 10 जनवरी की तारीख नियत की है. यदि सलमान पर यह आरोप साबित हो जाता है तो इस मामले में भी सजा का प्रावधान है जो सात साल तक हो सकती है.
शरत कुमार