BJP के महासचिव का बयान- आंदोलन में 1% किसान भी शामिल नहीं, घुस गया है ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’

भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगातार आरोप लगाया जा रहा है किसानों को भड़काने की कोशिश हो रही है. भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण सिंह का कहना है कि पूरे आंदोलन में एक फीसदी किसान भी शामिल नहीं हैं. 

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अपनी मांगों पर अड़े हैं किसान अपनी मांगों पर अड़े हैं किसान

देव अंकुर

  • जयपुर ,
  • 14 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:58 PM IST
  • किसान आंदोलन पर बीजेपी नेता का सवाल
  • टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग घुसे: अरुण सिंह

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगातार आरोप लगाया जा रहा है किसानों को भड़काने की कोशिश हो रही है. अब भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण सिंह का कहना है कि पूरे आंदोलन में एक फीसदी किसान भी शामिल नहीं हैं. 

बीजेपी महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि किसान भोले-भाले हैं, लेकिन इनमें टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग घुस गए हैं जिनके बारे में बात करना जरूरी है. बीजेपी नेता अरुण सिंह ने राजस्थान के जयपुर में ये बात कही. अरुण सिंह जयपुर में हुई पार्टी की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं. 

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आपको बता दें कि बीजेपी की ओर से लगातार आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ राजनीतिक दल और लेफ्ट संगठनों ने किसानों के आंदोलन को हाईजैक किया है और हिंसा करने के लिए भड़काया जा रहा है. 

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आपको बता दें कि बीते दिनों किसानों के आंदोलन के बीच एक मंच पर शरजील इमाम, उमर खालिद समेत कुछ ऐसे एक्टिविस्टों की तस्वीर चस्पा थी, जो इस वक्त जेल में हैं. आंदोलन में इनकी रिहाई की मांग की गई थी, जिसके बाद बीजेपी ने किसान आंदोलन पर सवाल उठाने शुरू किए.

बीते दिनों कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया था कि आंदोलन को टेकओवर करने का ये एक भयावह डिजाइन है. इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि टुकड़े-टुकड़े गैंग एजेंडे को टेकओवर करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि किसान संगठनों के विरोध का फायदा उठाने के लिए उनकी तस्वीरें प्रदर्शित की जा रही हैं. शायद ऐसे तत्वों की उपस्थिति के कारण ही सरकार के साथ बातचीत सफल नहीं हो रही है.

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इन पोस्टरों पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि MSP-मंडी को लेकर कोई आपत्ति या विरोध हो सकता है, लेकिन जैसे पोस्टर लग रहे हैं वो तो किसी आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं. ऐसे में किसानों को ऐसे लोगों को मंच पर जगह नहीं देनी चाहिए.

 

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