साल में तीसरी बार मोर्टार फटने से BSF चिंतित, दिए आंतरिक जांच के आदेश

इस वर्ष होने वाला ऐसा यह दूसरा हादसा है. इसी वर्ष मार्च माह में ऐसे ही एक हादसे में चार जवान घायल हो गए थे. झारखंड के हजारी बाग फायरिंग रेंज के हुए हादसे में छह अर्धसैनिक बलों के जवान घायल हो गये थे. जिसमें 51 एमएम मोर्टार की ही फायरिंग हो रही थी.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2017,
  • अपडेटेड 8:36 PM IST

राजस्थान के किशनगढ़ में फील्ड फायरिंग रेंज में मोर्टार फटने से बीएसएफ के 9 जवान घायल हो गए. घायल जवानों को इलाज के लिए जैसलमेर के रामगढ़ लाया गया है जबकि गंभीर रूप से घायल जवानों को एयरलिफ्ट करके जोधपुर इलाज के लिए पहुंचाया गया है. हादसा जैसलमेर के किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में अभ्यास के दौरान तब हुआ जब एक 51 एमएम का मोर्टार अपनी तयशुदा रेंज से पहले ही फट गया.

Advertisement

से मिली जानकारी के मुताबिक एक साल में इससे पहले 3 बार 51 एमएम मोर्टार फट चुका है. गैरतलब है कि किशनगढ़ के फायरिंग रेंज में इसी तरह का एक हादसा वर्ष 2012 में भी हुआ था. जिसमें सेना के चार जवान घायल हो गए थे.

इस वर्ष होने वाला ऐसा यह दूसरा हादसा है. इसी वर्ष मार्च माह में ऐसे ही एक हादसे में हो गए थे. झारखंड के हजारी बाग फायरिंग रेंज के हुए हादसे में छह अर्धसैनिक बलों के जवान घायल हो गये थे. जिसमें 51 एमएम मोर्टार की ही फायरिंग हो रही थी.

आपको बता दें कि बीएसएफ फटने के आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक बीएसएफ डिफेन्स फैक्टरी को भी लिख सकता है कि आखिर इतनी ज्यादा संख्या में 51 एमएम मोर्टार फायरिंग के दौरान पहले ही क्यों फट जा रहे हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement