चंडीगढ़ नगर निगम में वर्तमान में बहुमत का आंकड़ा भाजपा के पक्ष में है, लेकिन वह विपक्ष में बैठेगी। दरअसल, मेयर चुनाव के समय भाजपा के 14 पार्षद थे, जबकि एक सांसद का वोट था और आप व कांग्रेस गठबंधन के पास 20 वोट थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले आप के तीन पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं. ऐसे में भाजपा में पार्षदों की संख्या 17 हो गई है. सांसद को भी जोड़ दें तो भाजपा के पक्ष में 18 वोट हैं, जबकि आप-कांग्रेस के पास 17 ही पार्षद हैं। हालांकि फिर भी भाजपा के पास अविश्वास प्रस्ताव लाने का आंकड़ा नहीं है.