जासूसी मामले में बढ़ी यूट्यूबर जसबीर सिंह की रिमांड, ISI के लिए काम करने का आरोप

पंजाब के यूट्यूबर जसबीर सिंह की गिरफ्तारी के बाद जासूसी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने आरोप लगाया है कि जसबीर ISI से जुड़ा हुआ था और उसने पाकिस्तान की तीन यात्राओं के दौरान जासूसी के लिए भर्ती की थी. इससे पहले यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भी इसी केस में गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने जसबीर की पुलिस रिमांड दो दिन के लिए बढ़ा दी है.

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 यूट्यूबर जसबीर सिंह की बढ़ी मुश्किलें यूट्यूबर जसबीर सिंह की बढ़ी मुश्किलें

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 07 जून 2025,
  • अपडेटेड 4:16 PM IST

पंजाब के मशहूर यूट्यूबर जसबीर सिंह उर्फ जान महल को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद मोहोली कोर्ट ने शनिवार को उसकी पुलिस रिमांड दो दिन के लिए बढ़ा दी. जसबीर सिंह को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था और उसकी तीन दिन की रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. पुलिस ने सात दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने केवल दो दिन की ही मंजूरी दी.

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न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि जसबीर सिंह का संबंध एक बड़े जासूसी नेटवर्क से है, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन प्राप्त है. पुलिस का दावा है कि जसबीर सिंह न केवल पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) शाकिर उर्फ जट्ट रंधावा से संपर्क में था, बल्कि वह पाकिस्तान हाई कमीशन के एक अधिकारी के भी संपर्क में था, जिसे हाल ही में भारत से जासूसी के आरोप में निष्कासित किया गया है.

जसबीर सिंह, जो रूपनगर जिले के महलां गांव का निवासी है, 'जान महल वीडियो' नाम से यूट्यूब चैनल चलाता था, जिसके 11 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं. चैनल पर वह ट्रैवल और कुकिंग से जुड़े वीडियो पोस्ट करता था, लेकिन जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान की यात्रा तीन बार कर चुका है. 2020, 2021 और 2024 में. पुलिस के अनुसार, इन यात्राओं के दौरान वह पाकिस्तान आर्मी और ISI अधिकारियों से भी मिला और बाद में जासूसी गतिविधियों के लिए उन्हें भर्ती कर लिया गया.

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इससे पहले, हरियाणा के हिसार की रहने वाली यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, जो "ट्रैवल विद JO" नाम का चैनल चलाती थीं, उसे भी जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. मल्होत्रा पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में थीं, जिन्हें भारत सरकार ने 13 मई को निष्कासित कर दिया था. पुलिस इस पूरे जासूसी नेटवर्क की जांच कर रही है, जो सोशल मीडिया की आड़ में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा था.

 

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