पंजाब की पटियाला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने शंभू रेलवे स्टेशन के पास मुख्य लाइन पर देर रात आईईडी (IED) के जरिए किए गए धमाके और ट्रैक को उड़ाने की कोशिश की गुत्थी सुलझा ली है. इस मामले में पुलिस ने प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया है.
इन आरोपियों के पास से एक हैंड ग्रेनेड, दो .30 बोर पिस्टल, गोला-बारूद, लैपटॉप और धमाकों के लिए इस्तेमाल होने वाले संचार उपकरण बरामद हुए हैं,
पकड़े गए सभी आरोपी अपराधी हैं और उनके खिलाफ पहले से ही कई जघन्य मामले दर्ज हैं. डीआईजी पटियाला रेंज कुलदीप चहल और एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि यह मॉड्यूल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और संपत्तियों पर और भी हमले करने की योजना बना रहा था.
मलेशिया और पाकिस्तान से जुड़ा नेटवर्क
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना प्रदीप सिंह खालसा मलेशिया स्थित प्रो-खालिस्तानी आतंकियों और पाकिस्तान के हथियार सप्लायरों के सीधे संपर्क में था. प्रदीप सिंह खालसा कट्टरपंथी युवाओं को आतंकी ट्रेनिंग के लिए मलेशिया भेजता था और वहां से लौटने के बाद उन्हें आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का काम सौंपता था. उसने 'चलता वहीर चक्रवर्ती, अटारिए' नाम से एक कट्टरपंथी संगठन भी बनाया हुआ था. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि वे राज्य में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की फिराक में थे.
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पटियाला के कोतवाली थाने में इस संबंध में एफआईआर (FIR) नंबर 76 दर्ज की गई है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111, विस्फोटक अधिनियम की धारा 3, 4, 5, आर्म्स एक्ट की धारा 25 और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 13, 16, 18 व 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों और ट्रेनिंग के लिए भेजे गए अन्य युवाओं की तलाश में जुटी है, जिससे पंजाब में अशांति फैलाने की किसी भी कोशिश को पूरी तरह खत्म किया जा सके.
असीम बस्सी