पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबेरॉय की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह सनसनीखेज वारदात मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर उस समय हुई, जब लक्की ओबेरॉय मत्था टेकने के लिए वहां पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें उनके शरीर में पांच गोलियां लगीं.
गंभीर हालत में लक्की को एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद जालंधर शहर में दहशत का माहौल है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी.
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
जालंधर के एडिशनल डीसीपी हरिंदर सिंह गिल ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि दो आरोपी मौके पर आए थे और उनमें से एक ने कई राउंड फायरिंग की. फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है. फॉरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं और पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है.
जानकारी के अनुसार, लक्की ओबेरॉय की पत्नी ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर नगर निगम चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. लक्की ओबेरॉय को कैंट हल्का की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाडा का करीबी बताया जाता है.
सुखबीर सिंह बादल ने साधा निशाना
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और हालात ऐसे हैं कि सत्ताधारी पार्टी के नेता भी सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने इसे शासन नहीं बल्कि अराजकता करार दिया है.
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की तथाकथित ‘जीरो फियर’ सरकार में पंजाब खून से लथपथ है और हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सत्ताधारी पार्टी के नेता भी सुरक्षित नहीं हैं. जालंधर में गुरुद्वारा साहिब के बाहर दिनदहाड़े आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबेरॉय की हत्या इसी का उदाहरण है.
'जनवरी 2026 में हो चुकी हैं 25 हत्याएं'
सुखबीर बादल ने कहा कि सिर्फ जनवरी 2026 में ही करीब 25 हत्याएं हो चुकी हैं, जबकि साल के पहले हफ्ते में ही 9 लोगों की जान गई. उन्होंने कहा कि हत्याएं हर जगह हो रही हैं, चाहे वह कोर्ट परिसर हो, बाजार, शादी समारोह हो या फिर गुरुद्वारा साहिब के बाहर. उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब पुलिस का बहुचर्चित ‘गैंगस्टरों के खिलाफ युद्ध’ आखिर कहां है. उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा और कहा कि वह एक दिन भी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहने के लायक नहीं हैं.
असीम बस्सी