पंजाब की नवनियुक्त कैप्टन सरकार राज्य की खस्ता आर्थिक हालत को लेकर एक श्वेतपत्र लाने की तैयारी कर रही है. इस श्वेतपत्र में राज्य के पूरे सरकारी खजाने की जानकारी लिखी जाएगी. पंजाब पर जो दो लाख करोड़ रुपये का सरकारी खर्च है उसकी भी पूरी जानकारी सरकार की तरफ से इस श्वेतपत्र में जारी की जाएगी.
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र में जारी होगा श्वेतपत्र
का कहना है कि ये श्वेतपत्र पिछले 10 साल में अकाली-बीजेपी सरकार के काले कारनामों का चिट्ठा होगा. जिसके अंदर ये बताया जाएगा कि किस तरह से
10 साल में अकाली-बीजेपी गठबंधन की सरकार ने अपने गलत फैसलों और घोटालों की वजह से पंजाब के सिर पर दो लाख करोड़ से भी ज्यादा का कर्जा चढ़ा दिया.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुताबिक जून में होने वाले पंजाब विधानसभा के बजट सत्र से पहले ये श्वेतपत्र जारी कर दिया जाएगा.
श्वेतपत्र को विपक्ष ने बताया वादा खिलाफी
वहीं कांग्रेस सरकार के प्रदेश की आर्थिक हालत पर श्वेतपत्र लाने के ऐलान पर अकाली दल के सीनियर लीडर और पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ने कहा कि ये सब कुछ
कांग्रेस सरकार उन वादों से बचने के लिए कर रही है जिन्हें करके वो हुए हैं. साथ ही परमिंदर सिंह ने कहा कि अकाली दल सरकार में कुछ
भी ऐसा नहीं हुआ है जिसे लेकर श्वेतपत्र जारी किया जाए. अकाली दल के सीनियर लीडर बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले पंजाब
के लोगों से बड़े-बड़े लोक लुभावने वादे किए हैं, लेकिन अब वो वादे पूरे नहीं कर पा रहे. इसी वजह से श्वेतपत्र ला कर ये साबित करना चाहते हैं कि सरकार के पास पैसा
नहीं है और प्रदेश की आर्थिक हालत की वजह से फिलहाल ये वादे पूरे नहीं किए जा सकते.
AAP ने श्वेतपत्र को बताया जनता से धोखा
वहीं आम आदमी पार्टी ने भी श्वेतपत्र लाने के कांग्रेस के फैसले को पंजाब के लोगों से धोखा बताया और कहा कि कांग्रेस ने किसानों के कर्ज माफ करने, हर परिवार में
नौकरी देने और युवाओं को स्मार्ट फोन बांटने जैसे कई झूठे वादे चुनाव प्रचार के दौरान किए थे. अब इन वादों से बचने के लिए ये श्वेतपत्र ला रही है.
जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति का बहाना देकर इन वादों को पूरा करने से बचा जा सके.
कैसे पूरे होंगे वादे
जिस तरह से कांग्रेस ने पंजाब में सरकार बनाने के बाद से ही प्रदेश की आर्थिक खस्ता हालत का ढिंढोरा पीटना शुरू किया है, उससे कहीं ना कहीं ये शक होता है कि
क्या कांग्रेस को पंजाब की इस खस्ता आर्थिक हालत की जानकारी पहले नहीं थी. जो उसने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पंजाब की जनता से इतने बड़े और लोक
लुभावने वादे कर दिए.
सतेंदर चौहान