पंजाब में 'मावां-धीयां सत्कार योजना’ लागू, पात्र महिलाओं को ₹1500 मासिक सहायता, जानें पूरी डिटेल

पंजाब सरकार ने महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने की योजना का नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और SC वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे. इसके लिए आंगनवाड़ी केंद्र और सेवा केंद्रों पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन होगा और आधार सत्यापन जरूरी होगा.

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हिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मान सरकार का बड़ा कदम (File Photo) हिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मान सरकार का बड़ा कदम (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:39 AM IST

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने महिलाओं के लिए अपने पिटारे से एक बहुत बड़ी खुशखबरी निकाली है. विधानसभा बजट सत्र में किए गए वादे को पूरा करते हुए सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना' का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस योजना के जरिए पंजाब की लाखों महिलाओं के बैंक खातों में अब हर महीने सीधे पैसे आएंगे.

पंजाब सरकार के एक्स्ट्राऑर्डिनरी गजट में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, यह योजना पूरे पंजाब में 2 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी. इस स्कीम का मुख्य मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी और पर निर्भर न रहें.

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किसे मिलेंगे कितने पैसे? 

सरकार ने इस योजना को दो श्रेणियों में बांटा है. सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं, अनुसूचित जाति से आने वाली महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाएंगे. यह पैसा सीधा उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा. इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त रखी गई है. महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्रों और सेवा केंद्रों पर जाकर अपना नाम दर्ज करवा सकती हैं. सरकार ने साफ किया है कि इसके लिए किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाएगी.

फॉर्म भरने के लिए कौन-से कागज हैं जरूरी?

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो आपके पास कुछ जरूरी दस्तावेज होने चाहिए. सबसे पहले आधार कार्ड अनिवार्य है, जिसमें पंजाब का पता दर्ज हो. इसके अलावा पंजाब का वोटर आईडी कार्ड, बैंक अकाउंट की पासबुक और अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए जाति प्रमाण पत्र होना जरूरी है.

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योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नर को जिम्मेदारी सौंपी गई है. गांवों और दूर-दराज के इलाकों में महिलाओं की मदद के लिए स्पेशल फेसिलिटेटर और मोबिलाइजर्स तैनात किए जाएंगे, जो बैंक खाता खुलवाने और आधार लिंक कराने में उनकी मदद करेंगे.

सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता रखने के लिए सख्त नियम भी बनाए हैं. अगर किसी लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो सहायता राशि तुरंत बंद कर दी जाएगी. हालांकि, अंतिम संस्कार के लिए इस्तेमाल की गई एडवांस पेमेंट की वसूली नहीं की जाएगी. फर्जीवाड़ा रोकने के लिए मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड के जरिए डेटा की निगरानी की जाएगी.

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