पंजाब में पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो वॉइस-चेंजिंग सॉफ्टवेयर और फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए महिलाओं को जाल में फंसाकर उनसे पैसे वसूलते थे.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब के DGP गौरव यादव ने मंगलवार को बताया कि आरोपी वॉइस-चेंजिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर खुद को महिला बताकर लोगों से संपर्क करते थे. इसके लिए वो सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और खासकर महिलाओं का भरोसा जीतने की कोशिश करते थे.
सोशल मीडिया पर बनाते थे फर्जी प्रोफाइल
पुलिस के अनुसार आरोपी बाद में पीड़ितों को धमकी देते थे कि उनके एआई-जनरेटेड आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे. इसी डर का फायदा उठाकर वो उनसे पैसे ऐंठते थे.
मामले की जांच एक पीड़िता के पिता की शिकायत के बाद शुरू हुई. जांच के दौरान पता चला कि पीड़िता, जो 2023 से 2025 के बीच कनाडा में रह रही थी, उससे करीब 3.10 लाख रुपये की ठगी की गई थी. वी नीरजा ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि इस गिरोह का सरगना आकाश भार्गव है. उसने करीब दो साल पहले इस ठगी का तरीका तैयार किया था. गिरोह के सदस्य फर्जी धार्मिक गुरु या ज्योतिषी बनकर भी लोगों को निशाना बनाते थे.
मोहाली से तीन आरोपी गिरफ्तार, नकदी, डॉलर और दर्जनों मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनकी पहचान अभिषेक भार्गव, आकाश भार्गव उर्फ अमन और लकी भार्गव के रूप में हुई है. ये तीनों राजस्थान के झुंझुनू जिले के रहने वाले हैं और फिलहाल मोहाली के सेक्टर-70 में रह रहे थे.
पुलिस ने आरोपियों के पास से 3.49 लाख रुपये नकद, 500 अमेरिकी डॉलर, 29 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, एक डोंगल और मोबाइल फोन के 38 खाली बॉक्स बरामद किए हैं. मोहाली के स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
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