पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है. हम दोस्ती के 'कदम' बढ़ाते हैं और वहां के वजीर-ए-आजम अपनी सरजमीं को आतंक के लिए इस्तेमाल होने से नहीं रोक पाते. सूत्रों ने बताया कि पंजाब के करने वाले आतंकी पाकिस्तान के बहावलपुर से आए थे. वे तीन दिन पहले भारत में घुसने में कामयाब हो गए थे.
सूत्रों के मुताबिक यही वो आतंकी थे, जिन्होंने गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह को पठानकोट-जम्मू हाईवे से 31 दिसंबर को अगवा कर लिया था. वह जख्मी हालत में मिले थे. उनके साथ उनके दोस्त और कुक भी थे. फिर रात में चाकू से गोदकर एक शख्स की हत्या कर दी गई. हालांकि आतंकी भी नहीं जानते थे कि ये एसपी हैं और पुलिस भी नहीं पहचान पाई कि ये आतंकी हो सकते हैं.
अलर्ट जारी हुआ, फिर भी चूक
घटना के बाद पूरे पंजाब में अलर्ट जारी किया गया. यहां तक कि जम्मू पुलिस ने भी रखी. जिन पांच लोगों ने एसपी को अगवा किया था, वे भी सेना की ही वर्दी में थे. सलविंदर सिंह और उनके दोस्त राजेश वर्मा ने बताया था कि उनके पास भारी हथियार थे. इन्होंने एसपी की कार छीनी और उससे 20 किलोमीटर तक गए. फिर वहां से दूसरी इनोवा गाड़ी ली, जिसे हिमाचल प्रदेश के एक गांव में छोड़ दिया. एसपी सलविंदर अकालगढ़ में मिले और यहां से तीन किलोमीटर दूर टैक्सी ड्राइवर इकागर सिंह की लाश मिली. इनोवा इसी की थी.
खुफिया एजेंसियों ने भी चेताया था
खुफिया एजेंसियों ने भी चेताया था कि नए साल पर आतंकी हमला हो सकता है. कहा गया था कि दीनानगर जैसा हमला हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक आईबी के अफसरों ने भी गुरदासपुर एसपी सलविंदर सिंह से पूछताछ की थी. बावजूद इसके यह चूक हो गई और आतंकी इस वारदात को अंजाम देने में कामयाब रहे.
विकास वशिष्ठ