पठानकोट आतंकी हमले में एक और खुलासा हुआ है. पता चला है कि आतंकी एयरबेस पर हमला करने से 20 घंटे पहले ही वहां पहुंच गए थे, लेकिन वे छिपे रहे. जिन चार आतंकियों ने दो जनवरी तड़के साढ़े तीन बजे हमला किया था, वे पहली जनवरी को ही वहां पहुंच चुके थे और उसी दिन तड़के तीन बजे वह कार भी छोड़ दी थी, जिससे वे लोग वहां तक आए थे.
SP की कार एयरबेस तक कैसे आई?
यह दावा अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से किया है. दिलचस्प है कि गुरदासपुर के एसपी सलविंदर की महिंद्रा एक्सयूवी एक जनवरी को सुबह 11 बजे एयरबेस के पास लावारिस हालत में मिली थी. सलविंदर का दावा है कि उन्हें आतंकियों ने 31 दिसंबर को अगवा कर लिया था. .
अब जांच का एक एंगल यह भी
गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि 20 घंटे तक चार आतंकी एयरबेस के पास छिपे रहे. जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये आतंकी कहां छिपे रहे और उन्होंने हमला करने में आखिर इतनी देर किस वजह से की. क्योंकि इतनी देर तक एयरबेस के आसपास छुपकर हमले का इंतजार करने से तो उनके लिए खतरा बढ़ ही रहा था.
यह साफ नहीं हो पा रहा है कि आतंकी आखिर एयरबेस में घुसने में कैसे कामयाब हो पाए. जांच में सामने आया है कि उस रात एयरबेस की फ्ल़लाइट भी काम नहीं कर रही थीं. उनका रुख भी ऊपर की ओर था, ताकि बाउंड्री वॉल फांदने वाले को वॉच टावर से देखा न जा सके. बाउंड्री वॉल के पास पेड़ पर नायलोन की रस्सी भी लटकी मिली थी.
एनआईए सलविंदर का लाई डिटेक्टर टेस्ट भी करा सकती है. बताया जा रहा है कि उनके लगातार बदलते बयानों की वजह से NIA ने यह फैसला किया है. उन्हें दिल्ली तलब किया गया है. इस हमले में सलविंदर के अगवा किए जाने के दावे के बाद से ही उनकी भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं.
विकास वशिष्ठ