केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून की जगह वीबी जी राम जी कानून लेकर आई है. संसद के हालिया शीतकालीन सत्र के दौरान पारित हुआ यह बिल अब कानून की शक्ल ले चुका है. इस कानून के खिलाफ कई राज्यों ने मोर्चा खोल रखा है. आम आदमी पार्टी की सरकार वाला पंजाब भी मनरेगा की जगह जी राम जी कानून का विरोध कर रहे राज्यों में लिस्ट में शामिल है.
पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की अनुसूचित जाति विंग ने मनरेगा की जगह नया कानून लाए जाने को गरीब विरोधी कदम बताते हुए प्रोटेस्ट किया. बुधवार को पंजाब के हलका दिड़बा में आम आदमी पार्टी की एससी विंग ने मनरेगा मजदूरों के साथ प्रोटेस्ट किया. इस प्रोटेस्ट के दौरान आम आदमी पार्टी की एससी विंग के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मनरेगा की जगह जी राम जी योजना लाए जाने को गरीबों के हितों के खिलाफ, गरीब विरोधी कदम बताया.
आम आदमी पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने जी राम जी कानून को काला कानून बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग भी की. गौरतलब है कि जी राम जी कानून के खिलाफ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अलग-अलग जिलों में प्रोटेस्ट कर रहे हैं. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रोटेस्ट किया था.
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आम आदमी पार्टी के विधायक लखबीर सिंह राय की अगुवाई में हुए इस प्रोटेस्ट में मनरेगा मजदूर बड़ी संख्या में शामिल हुए थे. आम आदमी पार्टी एससी विंग के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह जीपी समेत अन्य नेताओं ने जी राम जी कानून वापस लिए जाने तक आंदोलन की बात कही थी.
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गुरप्रीत सिंह जीपी ने केंद्र सरकार पर पंजाब को कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ने के आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि पंजाब का फंड रोककर विकास कार्यों में भी रुकावट डालने की कोशिश की जा रही है. विधायक लखबीर सिंह राय ने मोदी सरकार पर मनरेगा की जगह नया कानून लाकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि इस योजना को कमजोर किया जा रहा है.
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