Tamil Nadu Government Formation News Live Updates: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर लगातार राजनीतिक संकट बना हुआ है. थलपति विजय लगातार गठबंधन की कोशिश में जुटे हुए हैं. और सत्ता के बेहद करीब पहुंचकर भी उससे दूर हो जा रहे हैं. शुरुआत में कांग्रेस और वाम दलों के समर्थन के संकेत मिले तो इससे टीवीके के सरकार गठन की उम्मीद बनी थी. लेकिन इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की ओर से डीएमके गठबंधन के प्रति अपनी निष्ठा दोहराने और वीसीके द्वारा अपना रुख स्पष्ट करने में देरी के बाद स्थिति फिर उलझ गई.
सूत्रों के मुताबिक, सरकार गठन को लेकर चल रही बातचीत में मंत्रालयों और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर जोरदार मोलभाव जारी है. बताया जा रहा है कि वीसीके ने डिप्टी सीएम पद मांगा है, जबकि टीवीके मंत्री पद से आगे जाने को तैयार नहीं थी.
इसी बीच विधायकों के संपर्क से बाहर होने और एआईएडीएमके खेमे के साथ बैकचैनल बातचीत की खबरों ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी. संख्या पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने के बावजूद विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया.
संकट उस समय और गहरा गया जब अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि टीवीके ने उसके एकमात्र विधायक के समर्थन से जुड़ा फर्जी पत्र प्रसारित किया है. इस आरोप के बाद सहयोगी दलों के बीच अविश्वास बढ़ गया है और सरकार गठन का गणित और जटिल हो गया है.
केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने कहा है कि तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रही खींचतान में भारतीय जनता पार्टी का कोई हाथ नहीं है. विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मुरुगन ने शनिवार को कहा, "बीजेपी की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है. बीजेपी को बेवजह इसमें घसीटा जा रहा है."
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी सस्पेंस के बीच एआईएडीएमके नेताओं का पार्टी महासचिव ई पलानीसामी के आवास पर पहुंचना शुरू हो गया है.जैसे-जैसे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो रही है, वैसे-वैसे पलानीस्वामी के घर पर बैठकों और रणनीति को लेकर गतिविधियां भी बढ़ गई हैं. बता दें कि विजय अभी भी सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन नहीं जुटा पाए हैं.
सीपीआई और सीपीएम द्वारा समर्थन की घोषणा पर उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उच्चस्तरीय बैठक की है और उसमें अच्छा फैसला लिया गया है. उन्होंने दोहराया कि वह भी अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने भाजपा और डीएमके दोनों पर तीखा हमला बोला है. एक्स पर किए गए पोस्ट में चक्रवर्ती ने कहा कि विजय की टीवीके ने खुद को एक धर्मनिरपेक्ष ताकत के रूप में पेश किया था और जनता भी एक धर्मनिरपेक्ष टीवीके सरकार चाहती थी. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस टीवीके को समर्थन देने के लिए तैयार थी, लेकिन भाजपा ऐसी सरकार बनने से रोकने की कोशिश कर रही है. उन्होंने डीएमके पर भी आरोप लगाया कि वह परोक्ष रूप से एआईएडीएमके की मदद कर रही है ताकि धर्मनिरपेक्ष दल टीवीके का समर्थन न कर सकें. चक्रवर्ती ने सवाल उठाया, “आखिर किसने किसके साथ विश्वासघात किया?”
तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच कांग्रेस ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके के समर्थन से सरकार बनवाने की कोशिशें की जा रही हैं. लप्रमोद तिवारी ने कहा, “राज्यपाल का आचरण ऐसा लगता है मानो किसी वैकल्पिक सरकार को बनने से रोकने की कोशिश की जा रही हो.” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस भाजपा के खिलाफ “प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष” रूप से एक धर्मनिरपेक्ष ताकत के तौर पर अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है.
तमिलनाडु में शुक्रवार देर रात सरकार गठन को लेकर बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला. थलपति विजय की सरकार बनाने की कोशिशें उस समय अटक गईं, जब समर्थन पत्रों को लेकर विवाद खड़ा हो गया. जो स्थिति पहले टीवीके के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही थी, वह कुछ ही घंटों में अनिश्चितता में बदल गई.
सूत्रों के मुताबिक, विजय शुक्रवार शाम करीब 6:45 बजे लोक भवन पहुंचे और सरकार गठन के समर्थन में 117 विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र राज्यपाल को सौंपे. इनमें एएमएमके के एक विधायक का समर्थन भी शामिल बताया गया। टीवीके ने राज्यपाल से शनिवार सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह कराने का अनुरोध किया.
बताया जा रहा है कि समर्थन पत्र मिलने के बाद राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने मुख्य सचिव से संपर्क कर अधिकारियों को शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए.
हालांकि करीब 30 मिनट बाद एएमएमके प्रमुख दिनाकरण ने राजभवन से तत्काल मुलाकात का समय मांगा और आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के विधायक के समर्थन पत्र में फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं.
करीब एक घंटे बाद दिनाकरन लोक भवन पहुंचे और राज्यपाल से कहा कि उनकी पार्टी का विधायक टीवीके का समर्थन नहीं कर रहा है. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वह विधायक को व्यक्तिगत रूप से पेश करेंगे.
इसके बाद दिनाकरन ने विधायक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में उनसे संपर्क नहीं हो सका. रात करीब 12 बजे एएमएमके विधायक S. Kamaraj ने दोबारा दिनाकरन से संपर्क किया.
इसके बाद दिनाकरन और कामराज दोनों ने राज्यपाल से मुलाकात की और कथित तौर पर कहा कि टीवीके के समर्थन में जमा कराया गया हस्ताक्षर असली नहीं है. उन्होंने कथित जालसाजी को लेकर टीवीके के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की.
इन घटनाक्रमों के बाद राज्यपाल ने टीवीके को सूचित किया कि अगले दिन शपथ ग्रहण समारोह नहीं होगा। राजभवन की ओर से मुख्य सचिव को भी शपथ ग्रहण की तैयारियों को लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई.
सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विजय से कहा है कि वह 118 विधायकों के समर्थन के साथ दोबारा आएं. बहुमत साबित होते ही तुरंत शपथ ग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी बातचीत तेज होने के बीच विजय की पार्टी टीवीके ने थोल थिरुमावलवन और वीसीके का समर्थन हासिल करने की कोशिशें तेज कर दी हैं. थिरुमावलवन के आवास पहुंचीं टीवीके की राज्य महिला विंग की समन्वयक डॉ. स्पूर्ति अरुण ने कहा कि दोनों दल सामाजिक न्याय और अंबेडकरवादी राजनीति जैसी समान विचारधारा साझा करते हैं. उन्होंने विजय को “अंबेडकर का मजबूत समर्थक” बताते हुए उम्मीद जताई कि टीवीके और वीसीके साथ आएंगे. डॉ. स्पूर्ति अरुण ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अभी जारी है और समर्थन को लेकर चर्चा लगातार आगे बढ़ रही है.
तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है. लोक भवन सूत्रों के मुताबिक, टीवीके प्रमुख थलपति विजय ने सरकार बनाने के समर्थन में शुरुआत में 117 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र राज्यपाल को सौंपा था. इसमें कांग्रेस, वाम दलों और एएमएमके के एक विधायक का समर्थन शामिल बताया गया. हालांकि बाद में एएमएमके के एकमात्र विधायक एस कामराज ने राज्यपाल से मुलाकात कर कथित तौर पर कहा कि समर्थन पत्र पर मौजूद हस्ताक्षर उनके नहीं हैं. वहीं थोल थिरुमावालावन की पार्टी वीसीके की ओर से भी कोई औपचारिक समर्थन पत्र नहीं मिला. इसके बाद विजय के समर्थन का आंकड़ा घटकर 116 पर पहुंच गया.सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विजय से कहा है कि तत्काल शपथ ग्रहण के लिए उन्हें 118 विधायकों के समर्थन वाले हस्ताक्षर लेकर फिर से आना होगा.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच एएमएमके के एकमात्र विधायक एस. कामराज ने अपनी ही पार्टी के प्रमुख टीटीवी दिनाकरण के दावों का सार्वजनिक रूप से खंडन किया है. कामराज ने इस बात से इनकार किया कि वह लापता थे या विजय की पार्टी ने राज्यपाल को फर्जी दस्तावेज सौंपे थे.कामराज ने कहा कि वह हमेशा संपर्क में थे और पुडुचेरी से आने के बाद उन्होंने खुद राज्यपाल के सचिव से मुलाकात की थी. उन्होंने बताया कि भ्रम इसलिए पैदा हुआ क्योंकि वह कई फोन इस्तेमाल करते हैं और उनमें से एक पर व्हाट्सऐप नहीं चलाते. कामराज ने यह भी कहा कि मीडिया और राजनीतिक गलियारों में फैल रही “झूठी” खबरों को लेकर वह कानूनी सलाह लेंगे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच वीसीके नेता वन्नी आरासू ने कहा कि पार्टी को “हाशिये पर डालने” या “अलग-थलग करने” की कोशिशें सफल नहीं होंगी. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब गठबंधन की बातचीत और समर्थन जुटाने की कवायद के बीच वीसीके (विदुथलाई चिरुथाइगल काची) की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है और राज्य की राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदल रही है.
तमिलनाडु में सस्पेंस बरकरार है. तमिलनाडु में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके के साथ जारी राजनीतिक खींचतान के बीच एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरण ने आज सुबह 11 बजे अडयार स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का ऐलान किया है. टीटीवी दिनाकरण का कहना है कि टीवीके ने फर्जी समर्थन पत्र दिखाया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में ठहरे 25 से अधिक विधायक अपना सामान पैक कर चेन्नई के लिए रवाना हो गए हैं. हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके ने 47 सीटें जीती हैं.