राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किरण बेदी को पुडुचेरी के उपराज्यपाल के पद से हटा दिया है. राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि डॉ किरण बेदी पुडुचेरी का उपराज्यपाल नहीं रहेंगी. राष्ट्रपति ने पुडुचेरी के उपराज्यपाल के कार्यों का निर्वहन करने के लिए तेलंगाना की राज्यपाल डॉ तमिलिसाई सुंदरराजन को अतिरिक्त प्रभार दिया है.
राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन तेलंगाना के अलावा पुडुचेरी की LG की जिम्मेदारी भी संभालेंगी. तमिलिसाई सुंदरराजन का जिस दिन से एलजी का पद संभालेंगी उसी दिन से उनकी नियुक्ति प्रभावी मानी जाएगी. राष्ट्रपति भवन के अनुसार पुडुचेरी के लिए अलग एलजी की नियुक्ति तक ये प्रभार तमिलिसाई सुंदरराजन संभालेंगी.
बता दें कि पुडुचेरी में इसी साल विधानसभा का चुनाव है. इस बीच इस केंद्रशासित प्रदेश में ये अहम घटनाक्रम हुआ है.
बता दें कि किरण बेदी को 29 मई 2016 को पुडुचेरी का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था. इससे पहले दस फरवरी को पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की थी और मांग की थी कि एलजी किरण बेदी को वापस बुलाया जाए.
नारायणसामी का आरोप था कि उपराज्यपाल चुनी सरकार के प्रस्तावों के क्रियान्वयन में अवरोध पैदा कर रही हैं. राष्ट्रपति के साथ वी नारायण सामी आधे घंटे तक मिले थे.
अपनी बर्खास्तगी से कुछ ही घंटे पूर्व किरण बेदी सरकारी काम में लगी थीं. किरण बेदी ने ट्वीट कर एक वीडियो भी जारी किया था. उन्होंने लिखा था कि पुडुचेरी में कोरोना वैक्सीनेशन कम क्यों है इसकी जानकारी ले रही हूं.
राष्ट्रपति के इस फैसले का पुडुचेरी के कांग्रेस इंचार्ज दिनेश गुंडुराव ने स्वागत किया है. दिनेश गुंडुराव ने कहा है कि किरण बेदी भारत के इतिहास में सबसे खराब एलजी थीं, वह तानाशाहों की तरह व्यवहार करती थीं, और पुडुचेरी कांग्रेस की सरकार को काम करने नहीं दे रही थीं, उनका दफ्तर बीजेपी/आरएसएस का ऑफिस था.
मंजीत नेगी