यूपी में ब्राह्मणों की जानकारी मांगने पर कांग्रेस बोली- किया जा रहा टारगेट

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक रिपोर्ट शेयर करते हुए ट्वीट किया कि केवल ब्राह्मण समाज के शस्त्र लाइसेंस का डेटा इकठ्ठा करने के पत्र का राज क्या है? किससे पूछकर यह पत्र जारी किया और क्यों? क्या ब्राह्मण समाज को टारगेट किया जा रहा है?

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कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST
  • यूपी में शस्त्र लाइसेंस की जानकारी मांगी थी
  • बवाल की आशंका, आदेश वापस लिया गया
  • ब्राह्मणों को बनाया जा रहा टारगेट- कांग्रेस

उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के बारे में जानकारी जुटाए जाने को लेकर योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश के जिलाधिकारियों से जानकारी मांगी है कि उनके जिले में कितने ब्राह्मणों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था. उनमें से कितने लोगों को लाइसेंस दिए गए. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने यूपी सरकार पर निशाना साधा है.

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कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक रिपोर्ट शेयर करते हुए ट्वीट किया, 'केवल ब्राह्मण समाज के शस्त्र लाइसेंस का डेटा इकठ्ठा करने के पत्र का राज क्या है? किससे पूछकर यह पत्र जारी किया और क्यों? क्या ब्राह्मण समाज को टारगेट किया जा रहा है? हरियाणा में ब्रह्म समाज के बारे में गंदे सवाल पेपर में पूछे जाते हैं और यूपी में ऐसे पत्र. आखिर बीजेपी की मंशा क्या है?

क्या है मामला

असल में, यूपी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि उनके जिले में कितने ब्राह्मणों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था और कितने लोगों को यह मिला. रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक देवमणि त्रिपाठी ने ब्राह्मणों पर हो रहे हमलों, एनकाउंटर, हत्याओं पर सवाल उठाते हुए सरकार से जानकारी मांगी थी. उन्होंने पूछा था कि सरकार बताए कि ब्राह्मणों की सुरक्षा के लिए आखिर क्या किया गया है.

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देवमणि त्रिपाठी के सवाल पर ही यूपी सरकार ने ब्राह्मणों से जुड़ी इस तरह की जानकारी मांगी थी. इसी क्रम में पूछा गया था कि अब तक कितने ब्राह्मणों ने शस्त्र के लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है और कितने लोगों को शस्त्र लाइसेंस दिया गया है. मगर इसमें विवाद की आशंका के चलते प्रशासन ने बाद में इस जानकारी की मांग को निरस्त कर दिया.


 

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