पांच राज्यों की जंग से पहले बीजेपी एक्टिव, NDA की जीत के लिए मोर्चों को साथ लाने की कवायद तेज

महिला मोर्चा दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में हुए पिछले विधानसभा चुनावों के अनुभवों से सीख लेकर पार्टी आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करेगी. इसके तहत महिला मोर्चा धार्मिक और सामुदायिक बैठकों का आयोजन करेगा. इन कार्यक्रमों के जरिए केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी शासित राज्यों द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाओं, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े कामों को सामने रखा जाएगा.

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पीयूष मिश्रा

  •  नई दिल्ली,
  • 07 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:27 PM IST

आने वाले महीनों में पांच महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है. पिछले कुछ दिनों में पार्टी ने कई उच्चस्तरीय बैठकें की हैं जिनका मकसद चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना और पार्टी के अलग-अलग मोर्चों (फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन) के बीच बेहतर तालमेल बनाना है ताकि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को जीत दिलाई जा सके.

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इस पूरी कवायद की अगुवाई बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने की. सबसे पहले उन्होंने सभी मोर्चों के अध्यक्षों के साथ एक संयुक्त बैठक की. इस बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि हर मोर्चा अपनी संगठनात्मक ताकत का इस्तेमाल कैसे करे और चुनाव के दौरान जमीनी स्तर पर आपसी समन्वय कैसे बेहतर बनाया जाए.

इसके बाद बी.एल. संतोष ने अलग-अलग मोर्चों के पदाधिकारियों के साथ एक-एक करके बैठकें कीं. इन बैठकों में तैयारियों की समीक्षा की गई, कमियों को पहचाना गया और राज्यों की चुनावी योजनाओं को पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति से जोड़ा गया.

इस सिलसिले की आखिरी बैठक नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में हुई जिसमें बीजेपी महिला मोर्चा के राज्य चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी शामिल हुए. इस बैठक का मकसद पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करना और महिलाओं से जुड़ी चुनावी रणनीति को और धार देना था.

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बैठक में मौजूद सूत्रों के मुताबिक चर्चा का फोकस महिला कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, घर-घर जाकर संपर्क अभियान तेज करने और हर राज्य के हिसाब से रणनीति बनाने पर रहा. बताया गया कि बी.एल. संतोष ने महिला मोर्चा के पदाधिकारियों को जमीनी स्तर पर लगातार संपर्क बनाए रखने पर खास जोर दिया.

एक वरिष्ठ पार्टी सूत्र ने कहा, 'इस बैठक में महिला मोर्चा ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करने और चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया.' सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के लिए महिला वोटर एक अहम वर्ग हैं, जिन पर पार्टी लगातार फोकस कर रही है.

पार्टी सूत्रों ने यह भी बताया कि महिला मोर्चा दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में हुए पिछले विधानसभा चुनावों के अनुभवों से सीख लेकर पार्टी आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करेगी. इसके तहत महिला मोर्चा धार्मिक और सामुदायिक बैठकों का आयोजन करेगा, जिनमें अलग-अलग सामाजिक वर्गों की महिलाओं को जोड़ा जाएगा. इन कार्यक्रमों के जरिए केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी शासित राज्यों द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाओं, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े कामों को सामने रखा जाएगा.

दक्षिण भारत के राज्यों में मतदाताओं से सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने के लिए महिला मोर्चा “मोदी पोंगल” के नाम से विशेष पोंगल उत्सव मनाने की भी योजना बना रहा है. इसका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को उजागर करना है, जिसमें वे देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति और त्योहारों को सम्मान देने की बात करते हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी अलग-अलग क्षेत्रों और संस्कृतियों के त्योहारों में हिस्सा लेने के लिए जाने जाते हैं. साल 2024 में उन्होंने केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर पोंगल उत्सव में भाग लिया था. पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस साल भी प्रधानमंत्री के मुरुगन के घर पोंगल कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है, जिसे मतदाताओं के बीच एक सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

इसी तरह पार्टी के अन्य मोर्चों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं. हर मोर्चे को खास वर्गों तक पहुंच बनाने और अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को जोड़ने का काम सौंपा गया है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मकसद एक समन्वित, मुद्दों पर आधारित और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी हुई चुनावी मुहिम चलाना है, ताकि विधानसभा चुनावों में बीजेपी और एनडीए उम्मीदवारों को अधिकतम समर्थन मिल सके.

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