'मिस्टर योगी, तैयार हो जाओ...', अकबरुद्दीन ओवैसी ने UP सीएम को दी खुली चुनौती

अकबरुद्दीन ओवैसी AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भाई हैं और पार्टी के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं. वह हैदराबाद की चंद्रयानगुट्टा विधानसभा सीट से लगातार छह बार विधायक चुने जा चुके हैं. अकबरुद्दीन अपने विवादित बयानों के कारण भी अक्सर चर्चा में रहते हैं.

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तेलंगाना में अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी UP में मजबूती से चुनाव लड़ेगी (File Photo- Social Media) तेलंगाना में अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी UP में मजबूती से चुनाव लड़ेगी (File Photo- Social Media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST

उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ही हलचल तेज होने लगी है. अब इस चुनावी मैदान में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की सक्रियता भी साफ दिखाई देने लगी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में पार्टी का विस्तार करने का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दी है.

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तेलंगाना के निजामाबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में मजबूती से चुनाव लड़ेगी और वहां भी अपना झंडा बुलंद करेगी. उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए कहा, “मिस्टर योगी, तैयार हो जाओ, यूपी भी आ रहे हैं. इसके बाद यूपी चलते हैं. हम सभी यूपी में अपनी ताकत और अपने झंडे को गाड़ेंगे और वहां भी अपना झंडा लहराएंगे.”

बता दें कि अकबरुद्दीन ओवैसी AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भाई हैं और पार्टी के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं. वह हैदराबाद की चंद्रयानगुट्टा विधानसभा सीट से लगातार छह बार विधायक चुने जा चुके हैं. साल 2023 में उन्हें तेलंगाना विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर भी बनाया गया था. अकबरुद्दीन अपने विवादित बयानों के कारण भी अक्सर चर्चा में रहते हैं. खास तौर पर 2012 में दिया गया उनका '15 मिनट' वाला बयान आज भी राजनीतिक बहस का विषय बना रहता है.

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अकबरुद्दीन के ताजा बयान को AIMIM की उत्तर प्रदेश में सियासी जमीन तैयार करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. उत्तर प्रदेश में पहले भी AIMIM चुनाव लड़ चुकी है, लेकिन पार्टी को कोई खास सफलता नहीं मिल सकी थी. इसके बावजूद पार्टी लगातार राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, खासकर मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर फोकस कर रही है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अकबरुद्दीन ओवैसी का यह बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में नए समीकरण बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है. राज्य में पहले से ही बीजेपी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला रहता है. ऐसे में AIMIM की सक्रियता चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकती है.

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